MP News: ई-अटेंडेंस पर पीछे नहीं हटेगी सरकार, मंत्री बोले- मोबाइल चलाने वाले शिक्षक हाजिरी भी लगा सकते हैं

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर अपने फैसले पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा है कि शिक्षक दिनभर मोबाइल का उपयोग करते हैं, इसलिए ई-अटेंडेंस लगाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, शिक्षक संगठनों ने व्यवस्था के विरोध के बजाय इसे व्यावहारिक और न्यायसंगत तरीके से लागू करने की मांग उठाई है।

मंत्री ने बताया कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, वहां सरकार समाधान के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब एक हजार स्थानों पर नेटवर्क संबंधी दिक्कत सामने आई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा गया। सरकार का दावा है कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर वेतन कटौती और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रावधान का विरोध करते हुए मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने 1 जुलाई 2026 को जारी आदेश निरस्त करने की मांग की है। संघ का कहना है कि विभाग स्वयं स्वीकार कर चुका है कि प्रदेश के 90 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में ई-अटेंडेंस सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है, इसलिए शेष तकनीकी समस्याओं का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना चाहिए।

ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. सिंगौर ने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग उचित है, लेकिन केवल मशीन की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को अनुपस्थित मानकर वेतन काटना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा विभागीय बैठकें, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण, परीक्षा, निर्वाचन और अन्य शासकीय दायित्वों के कारण कई बार विद्यालय से बाहर भी जाना पड़ता है।

इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने 2005 से 2009 के बीच पात्रता परीक्षा देने वाले शिक्षकों के मामले पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से राहत की मांग की है। यदि न्यायालय अनुमति देता है तो संबंधित शिक्षकों को राहत मिलेगी, अन्यथा पात्रता परीक्षा कराना अनिवार्य होगा।

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