दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 सदन में पेश कर दिया। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा होगी, लेकिन इसे लेकर पहले ही दिन विधानसभा में तीखी राजनीतिक बहस और विरोध देखने को मिला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यूसीसी विधेयक को अनुपूरक कार्यसूची के माध्यम से "चोरी-छिपे" सदन में लाया गया, जबकि भाजपा ने कहा कि विरोध से यूसीसी लागू होने से नहीं रुकेगा।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यूसीसी विधेयक पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधेयक पहले सदन के पटल पर रखा गया और बाद में अनुपूरक कार्यसूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधेयक पर संशोधन प्रस्ताव भी दिया है और मंगलवार को सदन में इसका विरोध जारी रहेगा।
विधानसभा में कार्यसूची में एक साथ कई विधेयक शामिल किए जाने पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के बाद नियमानुसार विधेयक सदन के पटल पर रखे गए हैं और सदस्यों को उन्हें पढ़ने का पर्याप्त समय मिलेगा।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे जितना विरोध कर ले, यूसीसी लागू होने से नहीं रुकेगा। उन्होंने दावा किया कि यह कानून महिलाओं के हित में है और बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने में मदद करेगा। वहीं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश को यूसीसी की नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड की जरूरत है, ताकि सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
सत्र के दौरान किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, उज्जैन भूमि खरीद, प्राकृतिक खेती और अन्य मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने किसानों को खाद नहीं मिलने, टोकन व्यवस्था विफल होने और फसल बीमा कंपनियों पर अनियमितताओं के आरोप लगाए, जबकि सरकार ने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
विधानसभा के बाहर भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत होल्ड पदों को मुक्त करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। रंगमहल चौराहे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से वहां से हटाया।
मानसून सत्र के पहले दिन यूसीसी विधेयक को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। अब मंगलवार को होने वाली चर्चा और मतदान पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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