दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। छतरपुर जिले के लवकुशनगर में जन्मे चार हाथ और चार पैर वाले नवजात को बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है। नवजात की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसके उपचार में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार 23 अगस्त को लवकुशनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने करीब तीन किलोग्राम वजन वाले नवजात को जन्म दिया। नवजात की असामान्य शारीरिक संरचना को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया।
खजुराहो से एयरलिफ्ट कर जबलपुर भेजा गया
नवजात की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पहले छतरपुर से खजुराहो ले जाया गया। इसके बाद खजुराहो से एयरलिफ्ट कर जबलपुर लाया गया। यहां उसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार नवजात की स्थिति गंभीर है और विशेषज्ञों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य की निगरानी एवं उपचार कर रही है।
दुर्लभ कंजॉइन्ड ट्विन्स का मामला
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला कंजॉइन्ड ट्विन्स यानी जुड़े हुए जुड़वां की अत्यंत दुर्लभ स्थिति से संबंधित बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गर्भ में दो भ्रूण विकसित हो रहे थे, लेकिन विकास के शुरुआती चरण में दोनों पूरी तरह अलग नहीं हो सके।
इसके परिणामस्वरूप एक भ्रूण का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं हो सका और उसके धड़ तथा अंग मुख्य नवजात के शरीर से जुड़े रह गए। इस तरह की जन्मजात स्थिति चिकित्सा की दृष्टि से अत्यंत जटिल मानी जाती है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही उपचार
मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा के अनुसार छतरपुर से रेफर होकर आए नवजात का पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में उपचार चल रहा है। उपचार कर रही चिकित्सकों की टीम के मुताबिक नवजात की स्थिति गंभीर है और उसे विशेषज्ञ निगरानी में रखा गया है।
Tags
jabalpur
