MP News: लाइट बंद कर मिनटों में कार उड़ाता था अंतरराज्यीय गिरोह, इंदौर पुलिस ने पकड़ी मेरठ-प्रतापगढ़ गैंग, एनकाउंटर से बचने रखते थे हथियार

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) इंदौर। राजेंद्र नगर इलाके में लगातार हो रही कार चोरी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक वाहन चोर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के मेरठ और प्रतापगढ़ से जुड़े हैं। आरोपी जेल से छूटने के बाद पीथमपुर में डेरा डालकर दोबारा कार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत के निर्देश पर राजेंद्र नगर पुलिस की टीम ने कार चोरी के मामलों की जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से अब तक दो चोरी की कारें और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।

एक जैसे मॉडल की कारों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह खास तौर पर एक जैसे मॉडल की कारों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने परस्पर नगर में सप्लायर मुकुल कुमार त्यागी की स्विफ्ट कार चोरी की थी। कार चोरी करने से पहले आरोपियों ने इलाके की बिजली बंद कर दी थी, जिसके बाद कार लेकर फरार हो गए।

इसके अलावा ईशान मंडलाई निवासी की विज्ञान नगर से कार और दामोदर नगर इलाके से भी एक कार चोरी करने की बात सामने आई है। पुलिस इन वारदातों से जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस से मुठभेड़ की स्थिति के लिए रखते थे हथियार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से पिस्टल समेत अन्य अवैध हथियार बरामद हुए हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी पुलिस से मुठभेड़ की स्थिति में हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए इन्हें अपने पास रखते थे।

राजेंद्र नगर पुलिस ने इमरान, नसीमुद्दीन, मोहम्मद तोफीक, राजीव सुरी और वर्षा समेत आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी की कारों को मध्य प्रदेश से बाहर किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

मेरठ और प्रतापगढ़ में भी सक्रिय रहा है गिरोह


पुलिस के मुताबिक यह गिरोह उत्तर प्रदेश के मेरठ और प्रतापगढ़ में भी सक्रिय रहा है। करीब छह साल पहले गिरोह से जुड़े बदमाशों ने पुलिस से बचकर भागने के दौरान दो पुलिसकर्मियों को कार से टक्कर मार दी थी। उस मामले में गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने भी गिरोह से जुड़े आरोपियों को 11 चोरी की कारों के साथ पकड़ा था। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य पंजाब और उत्तर प्रदेश में चोरी के वाहन भेजने की बात भी स्वीकार कर चुके हैं। अब पुलिस चोरी की कारों की बरामदगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

जेल से छूटने के बाद पीथमपुर में बनाया ठिकाना

पुलिस कार्रवाई के बाद गिरोह के कई बदमाश जेल गए थे। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पीथमपुर में अपना ठिकाना बना लिया और दोबारा वाहन चोरी की वारदातों में सक्रिय हो गए।

पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनसे जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही इंदौर और आसपास के जिलों में हुई कार चोरी की घटनाओं से भी इनका कनेक्शन तलाशा जा रहा है।

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