दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर से लगे गौर क्षेत्र में वन विभाग ने गुरुवार देर रात लकड़ी की टाल की आड़ में संचालित आरा मशीन पर छापामार कार्रवाई की। एसडीओ और रेंजर के नेतृत्व में पहुंची टीम को मौके पर आरा मशीन चलती हुई मिली। टाल में आम, शीशम सहित बड़ी मात्रा में लकड़ी भी रखी मिली। मशीन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वन विभाग ने टाल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग के अनुसार टाल संचालक बंटी ठाकुर के पास लकड़ी की टाल संचालित करने का लाइसेंस था। इस लाइसेंस के तहत लकड़ी का भंडारण और बिक्री की जा सकती थी, लेकिन लकड़ियों की चिराई के लिए आरा मशीन संचालित करने की अनुमति नहीं थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मशीन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन संचालक उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। उसने दस्तावेज होने की बात कही, लेकिन मौके पर केवल अधूरे कागजात ही दिखा पाया।
वन विभाग की टीम ने काफी देर तक मशीन के लाइसेंस और अनुमति से संबंधित दस्तावेजों का इंतजार किया। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं होने और लंबे समय से बिना अनुमति लकड़ी चिराई किए जाने की आशंका के चलते अधिकारियों ने पंचनामा तैयार किया और टाल को सील कर दिया।
एसडीओ आकाश साहू के मुताबिक गौर क्षेत्र में संचालित इस टाल को लेकर लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत डीएफओ पुनीत सोनकर तक पहुंचने के बाद उनके निर्देश पर टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान आरा मशीन का वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर काष्ठ चीरान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
वन विभाग की टीम अब टाल में रखी बड़ी मात्रा में लकड़ी के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी वैध तरीके से लाई गई थी या नहीं और उसका स्रोत क्या है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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