दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख Mayawati ने रविवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पार्टी के वरिष्ठ नेता Ashok Siddharth को पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनके साथ राष्ट्रीय समन्वयक Randhir Singh Beniwal को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया।
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदारियां वापस लिए जाने के बावजूद अशोक सिद्धार्थ ने उत्तर प्रदेश का प्रभार मिलने की भ्रामक खबरें फैलाकर कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करने की कोशिश की। इसी कारण उन्हें स्थायी रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब उनकी दोबारा वापसी नहीं होगी।
यह पिछले डेढ़ साल में दूसरी बार है जब अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला गया है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी उन्हें गुटबाजी और अनुशासनहीनता के आरोप में बाहर किया गया था, हालांकि सितंबर 2025 में उनकी वापसी हो गई थी।
पार्टी ने संगठन में भी कई बदलाव किए हैं। राज्यसभा सांसद Ramji Gautam को दोबारा पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि मध्य प्रदेश के प्रभारी राजाराम को दिल्ली, गुजरात, केरल और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, अशोक सिद्धार्थ के करीबी नितिन सिंह से भी दक्षिण भारत के राज्यों की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।
मायावती ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के ऐसे पदाधिकारी, जो अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें यूपी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी और साजिश करने वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोग बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के अभियान को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा की शादी मार्च 2023 में मायावती के भतीजे Akash Anand से हुई थी। हाल ही में मायावती ने यह भी स्पष्ट किया था कि पार्टी में उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार केवल उनके पास है और आकाश आनंद सहित सभी नेताओं को उनके निर्देशों के अनुसार ही काम करना होगा।
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