MP News: अब तक सामान्य से 15% कम बारिश, 42 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश (हैवी रेन) की संभावना नहीं जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर जिले में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की वर्षा होने से कुल वर्षा के आंकड़ों में विशेष सुधार नहीं हो सका।

प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित 42 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, बैतूल, धार, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, शिवपुरी, विदिशा सहित अन्य जिले शामिल हैं।

वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ और अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय तो हैं, लेकिन पर्याप्त मजबूत नहीं होने के कारण भारी वर्षा का दौर फिलहाल थमा हुआ है। अगले दो दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद 5 अगस्त से प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसम सोयाबीन की फसल के लिए अनुकूल है। हालांकि खंडवा, खरगोन और बड़वानी क्षेत्रों में अधिक वर्षा के कारण खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं धान की खेती वाले क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त वर्षा का इंतजार है।

Post a Comment

Previous Post Next Post