दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। पनागर के द्वारका परिसर में करीब एक सप्ताह से दहशत का कारण बना लगभग 5 फीट लंबा मगरमच्छ आखिरकार शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम के हाथ लग गया। मगरमच्छ कॉलोनी के एक पानी भरे खाली प्लॉट में छिपा हुआ था। वन विभाग की 12 सदस्यीय टीम पिछले कई दिनों से उसकी निगरानी करते हुए रेस्क्यू की कोशिश में जुटी थी।
वनकर्मी शैलेश कुमार गौतम के अनुसार, 5 सितंबर को द्वारका परिसर में मगरमच्छ होने की सूचना मिली थी। आशंका जताई गई कि मानसून के दौरान परियट नदी और नहर में तेज बहाव के कारण मगरमच्छ बहकर रिहायशी क्षेत्र में पहुंचा और पानी से भरे खाली प्लॉट में जाकर छिप गया। सूचना के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी सौरभ शर्मा के निर्देश पर 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम गठित की गई।
कमर तक पानी में उतरकर की तलाश
मगरमच्छ के रेस्क्यू में सबसे बड़ी चुनौती प्लॉट में भरा कमर तक पानी था। वनकर्मियों ने जाल डालकर उसे पकड़ने का प्रयास किया। साथ ही पंप की मदद से प्लॉट का पानी भी खाली कराया जा रहा था। टीम कई बार पानी में उतरकर मगरमच्छ की तलाश करती रही, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। करीब एक सप्ताह तक लगातार निगरानी और प्रयास के बाद भी मगरमच्छ वन विभाग की पकड़ से बाहर रहा।
पानी से निकलकर सड़क पर आया तो दबोचा
शुक्रवार सुबह प्लॉट का पानी खाली कराने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क की ओर आ गया। पहले से मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम ने उसे घेर लिया और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद द्वारका परिसर के रहवासियों ने राहत की सांस ली।
परियट नदी में छोड़ा गया
रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से परियट नदी में छोड़ दिया।
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