Jabalpur News: खेरमाई मंदिर गेट नंबर-1 के सामने आवारा बैल ने 'रवि' को तीन बार उठाकर पटका, इलाज के दौरान मौत; देखें वीडियो

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में खुलेआम घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर गंभीर हादसे का कारण बन गई। हनुमानताल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक आवारा बैल ने एक व्यक्ति को तीन बार उठाकर पटक दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम और प्रशासन पर आवारा मवेशियों को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे खेरमाई मंदिर के गेट नंबर-1 के सामने टेमरभीटा निवासी रवि यादव सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर घूम रहे एक आवारा बैल ने उन पर हमला कर दिया। बैल ने रवि को एक बार नहीं, बल्कि तीन बार उठाकर सड़क पर पटक दिया। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के कारण वहां से हटते नजर आए।

गंभीर रूप से घायल रवि यादव को क्षेत्रीय लोगों की मदद से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने बताया कि खेरमाई मंदिर के गेट नंबर-1 के सामने सुबह करीब 8 बजे टेमरभीटा निवासी रवि यादव को सड़क पर घूम रहे आवारा बैल ने उठाकर पटक दिया था। बैल ने उन्हें तीन बार पटका, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

मृतक के भतीजे आमिर यादव ने बताया कि उनके मौसा रवि यादव दूध बेचकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे आवारा बैल के हमले का शिकार हो गए।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल 


हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों और बाजारों में बड़ी संख्या में आवारा मवेशी घूमते रहते हैं। इनकी वजह से आए दिन वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। लोगों ने नगर निगम से आवारा मवेशियों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। रवि यादव की मौत के बाद एक बार फिर नगर निगम और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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