राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, गोविंद देव गिरि नए महासचिव

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। वहीं, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। इसके अलावा तीन नए ट्रस्टियों की भी नियुक्ति की गई है।

पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 39 साल सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। हाल ही में 30 अप्रैल को वे सेवानिवृत्त हुए थे। ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और रोजाना के प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए CEO की नियुक्ति की गई है।

5,538 से ज्यादा लोगों ने किया था आवेदन

राम मंदिर CEO के पद के लिए हजारों लोगों ने आवेदन किया था। कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन के मुताबिक, 5,538 लोगों के आवेदन आए थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इंटरव्यू लिया गया। इसके बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए, जिनमें पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज शामिल थे। ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।

गोविंद देव गिरि बने महासचिव

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को अब महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वे वर्ष 2020 में ट्रस्ट के गठन के समय से ही कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राम मंदिर से जुड़े धार्मिक और वित्तीय मामलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त

ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी। मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।

CEO संभालेंगे मंदिर का रोजाना प्रशासन

CEO के नेतृत्व में मंदिर की प्रोफेशनल टीम काम करेगी। इसमें इंजीनियर, वित्तीय विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे। CEO की जिम्मेदारियों में मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे की निगरानी, भीड़ प्रबंधन, कर्मचारियों की व्यवस्था, निर्माण कार्य और तकनीकी निगरानी जैसे काम शामिल होंगे।

चढ़ावा चोरी के मामले के बाद मंदिर में निगरानी व्यवस्था भी सख्त की गई है। दान की गणना के दौरान कैमरों से निगरानी, कर्मचारियों की तलाशी और बिना जेब वाली वर्दी जैसे नियम लागू किए गए हैं।

चढ़ावा चोरी के बाद हुआ बड़ा बदलाव

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई। 25 जून को मामले में FIR दर्ज होने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था। दोनों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था।

अब गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। 

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