दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) दतिया। पत्नी शिवानी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी पति यश ठाकुर को पुलिस ने 26 दिन बाद मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार देर रात झांसी के सिमरधा गांव के पास पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान यश ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को शिवानी का शव झांसी के आवास विकास स्थित किराए के कमरे में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई थी। आरोप है कि हत्या के बाद यश कमरे को बाहर से लॉक कर फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
स्कूटी से झांसी पहुंचा था आरोपी
एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 1 बजे सीपरी बाजार पुलिस को सूचना मिली कि यश स्कूटी से झांसी आया है। सूचना के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने सिमरधा गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अस्पताल भेजा।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यश ने शिवानी की हत्या करना स्वीकार किया है। उसने बताया कि 30 अगस्त की रात दोनों ने साथ में शराब पी और खाना खाया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसमें उसने शिवानी की हत्या कर दी। इसके बाद कमरे की कुंडी बाहर से लगाकर वह फरार हो गया।
इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, दो महीने बाद की थी शादी
पुलिस पूछताछ में यश ने बताया कि करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम पर शिवानी से उसकी दोस्ती हुई थी। शिवानी की रील देखने के बाद उसने उसे मैसेज किया था। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों ने मोबाइल नंबर साझा किए और दोस्ती प्यार में बदल गई। करीब दो महीने बाद दोनों ने लव मैरिज कर ली थी।
शिवानी की बहन मुस्कान के मुताबिक, दोनों की शादी को करीब डेढ़ से दो साल हुए थे। शादी के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। परिवार का आरोप है कि यश शिवानी के मोबाइल और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने को लेकर शक करता था। कैश मिलने को लेकर भी वह उससे सवाल करता था।
विवाद के बाद झांसी में रहने लगी थी शिवानी
शिवानी मूल रूप से दतिया जिले के इंदरगढ़ की रहने वाली थी। शादी के बाद वह यश के साथ ग्वालियर में रह रही थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद यश छोटी-छोटी बातों पर उसके साथ मारपीट करता था। इसके बाद शिवानी करीब तीन महीने से झांसी के आवास विकास क्षेत्र में अपनी बहन मुस्कान और भाई अनिकेत के साथ किराए के कमरे में रह रही थी। यश भी कभी-कभी उससे मिलने झांसी आता था।
परिवार के मुताबिक, 30 अगस्त की रात दोनों के बीच फिर विवाद हुआ था। पास में रहने वाले मामा संतोष ने दोनों को समझाकर मामला शांत कराया था। बाद में परिवार के लोग अपने-अपने कमरों में चले गए। रात करीब डेढ़ से दो बजे यश ने अपना बैग और सामान मांगा। बैग लेने के बाद उसने कमरे को बाहर से लॉक कर दिया।
सुबह कमरे में मृत मिली थी शिवानी
मुस्कान के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजे उसने शिवानी और यश को आवाज लगाकर दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। करीब आधे घंटे तक आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। बाद में करीब 9 बजे भाई अनिकेत के घर पहुंचने पर दरवाजा खोला गया, जहां शिवानी मृत मिली।
परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शिवानी के पिता संतराम वंशकार ने यश पर दहेज के लिए पैसे मांगने और बेटी के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए थे। परिवार ने जातिगत अपशब्द कहने का आरोप भी लगाया था।
परिजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने यश के खिलाफ दहेज हत्या, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कट्टा भी बरामद किया है।
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