दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। उपचुनाव से 18 दिन पहले TMC की महिला प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, यह मुलाकात कब हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
संचिता डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस का दावा है कि ममता के समर्थन की घोषणा के करीब दो घंटे बाद पुलिस ने मिलन प्रधान को 19 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि उपचुनाव के बीच उसके प्रत्याशी को पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है।
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
नंदीग्राम लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत हासिल की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। बाद में अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न दिया गया है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है।
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