Jabalpur News: प्रतिमा खंडित होने से भड़का आक्रोश, अधारताल बंद; पचमठा मंदिर में चोरी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
अधारताल सरोबर के किनारे स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर पचमठा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात हुई चोरी और कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। मंदिर में चोरी के साथ आस्था के केंद्र मानी जाने वाली प्राचीन प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने से लोगों का गुस्सा अब सड़क पर नजर आ रहा है। चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पहले थाने का घेराव किया और इसके बाद विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

रैली में क्षेत्र के लगभग हर हिस्से से लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में विरोध से जुड़े बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान एक ही मांग प्रमुखता से उठती रही कि मंदिर में चोरी और प्रतिमा खंडित करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जन्माष्टमी की रात मंदिर में हुई वारदात


स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में देर रात तक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव का कार्यक्रम चलता रहा। करीब रात 12:30 बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक आयोजन की धूम थी। इसके बाद भक्तों के लौटने के कुछ समय बाद चोरों ने मंदिर को निशाना बनाया।

आरोप है कि चोर मंदिर में प्रवेश कर वहां रखी सामग्री और अन्य सामान चोरी कर ले गए। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में स्थापित कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया। चोरी की घटना से ज्यादा आक्रोश लोगों में इस बात को लेकर है कि क्षेत्र की आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी प्राचीन प्रतिमा को भी खंडित कर दिया गया।

मंदिर के पास मिला बैग, खंडित प्रतिमा बरामद

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से भी जांच की। बताया गया कि खोजी कुत्ते एक बैग तक पहुंचे। बैग की तलाशी लेने पर उसमें माता महालक्ष्मी की खंडित प्रतिमा मिली।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आशंका है कि चोरों ने मंदिर में स्थापित प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया होगा। प्रतिमा भारी और वजनदार होने के कारण वे उसे अपने साथ नहीं ले जा सके और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। हालांकि प्रतिमा किस तरह और किन परिस्थितियों में खंडित हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल


घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अधारताल सरोवर के किनारे एकांत स्थान पर स्थित होने के कारण मंदिर चोरों के लिए आसान निशाना बन गया है। लोगों के मुताबिक, मंदिर में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मंदिर के नजदीक थाना होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा और रात्रि गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

इसी वजह से लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले बढ़े और उन्होंने जन्माष्टमी जैसी रात में, जब मंदिर में देर रात तक धार्मिक आयोजन चल रहा था, उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

पहले थाने का घेराव, फिर अधारताल बंद


चोरी और प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

लोगों का कहना था कि घटना को कई दिन बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराजगी और बढ़ती गई। इसके बाद आज विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर आक्रोश रैली निकाली।

बंद का असर क्षेत्र में साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।

विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस से की कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बताया गया कि उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर चोरों को पकड़ने की बात कही थी।

हालांकि दो दिन बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। यही नाराजगी पहले थाने के घेराव और फिर अधारताल बंद एवं आक्रोश रैली के रूप में सामने आई।

पुलिस का दावा- हर संभव प्रयास जारी


इधर पुलिस का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के क्षेत्र और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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