दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली/ सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को ढहाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मस्जिद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अलग-अलग दावे और आरोप लगाए हैं। वहीं, ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे कुआं मिलने से विवाद और बढ़ गया है। प्रशासन ने कुएं की उम्र और ऐतिहासिक स्थिति की जांच के लिए ASI को बुलाया है।
चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सवाल
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश पढ़ा है, जिसमें बेदखली की बात है, लेकिन स्ट्रक्चर हटाने की बात नहीं है। उन्होंने पूछा कि इतनी जल्दबाजी क्यों की गई और अपील का मौका क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को सदन, न्यायपालिका और सड़क पर लड़ा जाएगा।
इमरान मसूद बोले- 'मस्जिद नहीं, हमारा दिल टूटा'
सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जिस आदेश के तहत कार्रवाई की गई, वह ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं था। उनका दावा है कि आदेश में 22 दिन का समय बचा हुआ था। उन्होंने कहा कि मस्जिद की इमारत ही नहीं टूटी, बल्कि लोगों का दिल टूटा है और यह न्यायिक व्यवस्था पर प्रहार है।
संजय सिंह ने बताया संविधान का उल्लंघन
AAP सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने पूजा स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि 1947 से पहले के धार्मिक स्थलों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
वारिस पठान बोले- 'संविधान का गला घोंटा गया'
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कार्रवाई को लेकर कहा कि सहारनपुर में संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद को षड्यंत्र के तहत गिराया गया।
राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने पूछा कि क्या अखिलेश यादव सहारनपुर जाकर गिराई गई इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?
संगीत सोम बोले- 'अवैध बिल्डिंग गिराई ही जाएंगी'
भाजपा नेता संगीत सोम ने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद का नहीं, बल्कि अवैध जमीन पर बनी अवैध बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण किया गया है। उन्होंने कुएं के करीब 400 साल पुराना होने का दावा भी किया। हालांकि, प्रशासन ने अभी कुएं की उम्र की पुष्टि नहीं की है और ASI की जांच का इंतजार है।
मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट जाने की तैयारी में
मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता बाबर वसीम ने कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जाएगी। उनका कहना है कि निचली अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और सबूतों को रिकॉर्ड पर लिया जाना चाहिए।
मस्जिद के नीचे मिले कुएं ने बढ़ाया विवाद
ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाते समय एक भारी स्लैब मिला। कटर से स्लैब काटने पर उसके नीचे करीब 20 फीट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं मिला। प्रशासन ने कुएं को लोहे की चादर से ढक दिया है। अब ASI की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कुआं कितना पुराना है और उसका कोई ऐतिहासिक महत्व है या नहीं।
SDM सदर सुबोध कुमार ने कहा कि मस्जिद को कोर्ट के आदेश के आधार पर हटाया गया है। कुएं की जांच ASI से कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी उम्र या इतिहास को लेकर कुछ कहा जा सकेगा।
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