दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला। पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।
करीब 8 घंटे से ज्यादा समय तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और करीब 250 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सभी को किंग्सवे कैंप पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी शामिल हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जब तक उन्हें CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने नहीं दिया जाएगा, वे धरने से नहीं उठेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें आयोग के कार्यालय तक जाने से रोक दिया गया।
विपक्षी दलों ने SIR रद्द करने, मतदाता सूची में पारदर्शिता लाने, कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नामों की जांच और EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई। साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया। पुलिस का कहना था कि लंबे समय से चल रहे धरने के कारण नई दिल्ली इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा था।
यह प्रदर्शन पिछले पांच दिनों में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का सातवां प्रदर्शन बताया गया है। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आंदोलन को जनादेश का अपमान बताते हुए आरोपों को खारिज किया है।
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