Jabalpur News: बूढ़ी खेरमाई मंदिर के पास दुकानों को लेकर विवाद, दो पक्ष आमने-सामने; दुकानदारों ने पूछा—क्या धर्म देखकर होगा व्यापार?

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। बूढ़ी खेरमाई मंदिर के पास स्थित नर्मदा मैदान में दुर्गा उत्सव के दौरान लगने वाली दुकानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक विशेष समुदाय के दुकानदारों को दुकानें लगाने से रोकने की मांग के बाद रविवार देर रात हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मैदान पहुंचे और दुकानदारों से दुकानें नहीं लगाने को कहा। इस दौरान दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर हनुमानताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, नर्मदा मैदान में हर साल दुर्गा उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में दुकानें लगाई जाती हैं। इस बार हिंदू संगठनों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एक विशेष समुदाय के लोगों को दुकानें लगाने से रोकने की मांग की थी। इसके बाद जब मैदान में दुकानें लगनी शुरू हुईं, तो रविवार देर रात करीब दो बजे संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और दुकानदारों से दुकानें नहीं लगाने को कहा। इस पर दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई।

पार्किंग व्यवस्था की मांग

विश्व हिंदू परिषद के जिला सह-संयोजक अमित जाट ने कहा कि नर्मदा मैदान नगर निगम के अधीन है। दुर्गा उत्सव के दौरान यहां भीड़ बढ़ने से यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने मैदान में लगने वाली दुकानों को अवैध बताते हुए कहा कि दुकानदार मंदिर समिति को पैसे देने की बात कह रहे हैं।

दुकानदार बोले—25 साल से लगा रहे दुकान

हनुमानताल निवासी मोहम्मद शमीम ने बताया कि वह चूड़ी, बिंदी और मनियारी का कारोबार करते हैं और पिछले करीब 25 वर्षों से नर्मदा मैदान में दुकान लगा रहे हैं। उनका कहना है कि रविवार देर रात अचानक कुछ लोग वहां पहुंचे और दुकान नहीं लगाने को कहा। शमीम ने आरोप लगाया कि इस तरह दबाव बनाकर उनका कारोबार बंद कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब धर्म के आधार पर व्यापार किया जाएगा?

स्थानीय निवासी साईं कोरी ने भी कहा कि नर्मदा मैदान में करीब 50 वर्षों से दुकानें लगती आ रही हैं और हर साल यहां दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि दुकानों को हटाने या बंद कराने की कार्रवाई की जाती है, तो वह सभी दुकानों पर समान रूप से होनी चाहिए।

नगर निगम के निर्णय पर टिका मामला

हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने बताया कि नर्मदा मैदान नगर निगम के अंतर्गत आता है। देर रात कुछ लोग दुकानों का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और स्थिति शांत कराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदान में दुकानें लगेंगी या नहीं, इसका निर्णय नगर निगम द्वारा लिया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post