बालाघाट में मृत बच्चों के परिजन से मिले राहुल गांधी: बोले- आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए, बीमारी का मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) बालाघाट। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट के जगला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने बीमारी से बच्चों को खोने वाले बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। करीब एक घंटे तक राहुल गांधी ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों के बीच रहे।

राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी देश के मूल निवासी और पहले मालिक हैं तथा उन्हें जमीन, वन अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अपने अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी और कुपोषण से बच्चों की मौत के बावजूद प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सरकारी मदद नहीं मिली। राहुल ने कहा कि वे इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे।

सरकारी आंकड़ों में 32 मौतें, कांग्रेस का 43 का दावा

बालाघाट के बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत को लेकर सरकारी आंकड़ों और कांग्रेस के दावों में अंतर है। प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार बीमारी से 32 बच्चों की मौत दर्ज है, जबकि कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मृत बच्चों की संख्या 43 है।

सरकार के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। 57 गांवों में 43 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जबकि 6,537 लोगों का घर पर इलाज किया गया और 647 गंभीर बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सरकार का कहना है कि बीमारी से हुई मौतों के मामलों में संबंधित परिवारों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है।

परिवारों ने बताई इलाज की समस्या

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान कई परिजनों ने बच्चों की बीमारी और इलाज से जुड़ी समस्याएं बताईं। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि बीमारी के दौरान सरकारी डॉक्टर उनके घर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में अस्पताल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

एक महिला ने बताया कि उसके करीब एक महीने के बच्चे की घर पर ही मौत हो गई थी। वहीं, एक अन्य महिला ने बताया कि उसके छोटे बेटे की बीमारी के दौरान सरकारी डॉक्टर ने घर आकर जांच नहीं की।

जमीन, मनरेगा और वन अधिकार का मुद्दा उठाया

राहुल गांधी ने आदिवासी परिवारों की जमीन और वन अधिकार से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने सरकार से वन अधिकार कानून के तहत पात्र लोगों को जमीन के पट्टे देने, मनरेगा का काम उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल व अस्पताल की सुविधाएं बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

सरकार ने जांच के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की बात कही

बच्चों की मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमों ने क्षेत्र में जांच की। उपलब्ध जांच रिपोर्ट के अनुसार कुछ नमूनों में खसरा, मलेरिया और अन्य संक्रमण पाए गए। पानी के कुछ नमूनों में एडिनो वायरस भी मिला था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अतिरिक्त राशि जारी किए जाने की जानकारी दी है।

राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक दौरा बताया और सरकार पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस ने बच्चों की मौत और आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है।

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