दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में सोमवार की रात एक 12 साल का बच्चा बदहवास घूमता हुआ पाया गया। बच्चा बार-बार कह रहा था, "पुलिस को मत बुलाना, मुझे पकड़कर ले जाएगी।" मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने बच्चे को देखा और उससे बातचीत की। बच्चे ने बताया कि उसका नाम शुभम विश्वकर्मा है और उसके भाई का नाम राजेश विश्वकर्मा है। वह अपनी दादी को बाई कहकर बुलाता है, जो अस्पताल में भर्ती हैं।
आशीष ठाकुर ने बच्चे को खिलौने और मिठाई का लालच दिया तो वह उनके साथ आने को तैयार हो गया। बच्चे को मोक्ष आश्रम में रखा गया है और गढ़ा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई है।
सोमवार की रात 11 बजे के करीब बच्चा अस्पताल परिसर में अकेला घूम रहा था। उसने बताया कि वह ब्लैक लोअर, व्हाइट टीशर्ट और जूते पहने हुए था। बच्चे ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं और वह अपने भाई और दादी के साथ रहता है। बच्चे ने कहा कि जहां वह रहता है, वहां से ट्रेन गुजरती है।
मोक्ष संस्था के कार्यकर्ताओं ने बच्चे की जानकारी के आधार पर उसके परिवार का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आशीष ठाकुर ने बताया कि बच्चा बहुत डरा हुआ था और पुलिस का नाम सुनते ही सहम जाता था। बच्चे ने उनसे 10 रुपए मांगे और कहा कि वह उनके साथ रहना चाहता है, लेकिन पुलिस को बुलाने से मना करता रहा।
मोक्ष संस्था ने बच्चे की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है ताकि उसके परिवार का पता चल सके। पुलिस और संस्था दोनों बच्चे के परिवार को ढूंढने में लगे हुए हैं। फिलहाल बच्चा मोक्ष आश्रम में सुरक्षित है और उसकी देखरेख की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बच्चे के परिवार वाले मिल जाएंगे।
