दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। तीन साल पहले की एक बातचीत, जो दो सब इंस्पेक्टर दोस्तों के बीच हुई थी, एक सब इंस्पेक्टर की जिंदगी को उलझन में डालने वाली साबित हुई। यह बातचीत सब इंस्पेक्टर आकाश दीप साहू और उसके दोस्त सब इंस्पेक्टर संदीप सोनी के बीच थी। आकाश दीप ने अपने दोस्त संदीप से एक युवती के कारण परेशान होने की बात कही और मदद मांगी। संदीप ने मदद तो की, लेकिन उसे नहीं पता था कि यह मदद उसे रेप के झूठे आरोप और नौकरी से निलंबन की तरफ ले जाएगी।
2019 में संदीप की पहली पोस्टिंग टीकमगढ़ में हुई थी, जहां उसने फेसबुक पर एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की। इस युवती ने संदीप से व्यक्तिगत मैसेजिंग शुरू की, और बाद में संदीप को यह पता चला कि यह युवती उसके दोस्त आकाश दीप को पहले से जानती थी। आकाश दीप ने संदीप को युवती से दूरी बनाने की सलाह दी, लेकिन बाद में जब आकाश दीप ने संदीप से मदद मांगी, तो संदीप ने युवती से मिलकर उसे समझाने का निर्णय लिया।
मार्च 2021 में, संदीप ने युवती से मिलने का प्रयास किया, जो भोपाल के गौतम नगर में रहती थी। युवती ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद युवती ने संदीप से जबरन शादी कर ली और 10 लाख रुपए की मांग की। पैसे न देने पर, युवती ने संदीप पर रेप का आरोप लगा दिया।
इस मामले में, संदीप ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दो साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, हाईकोर्ट ने संदीप को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि संदीप पर लगाया गया रेप का आरोप झूठा है।
संदीप की निर्दोषता को साबित करने में उसके दोस्त आकाश दीप की मदद महत्वपूर्ण रही। आकाश दीप के पनागर थाने में लिखे रोजनामचे ने साबित किया कि युवती ने उसे भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। रोजनामचे में दर्ज जानकारी के अनुसार, युवती ने आकाश दीप को भी सुसाइड की धमकी दी थी और कई बार उसके कमरे और थाने में आकर हंगामा किया था।
