दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। बरगी बांध के 17 गेट खोलकर 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। इससे नर्मदा तटों पर स्थिति गंभीर हो गई है, और लोगों से तटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। आज सुबह नर्मदा का जलस्तर गौरीघाट तट उमाघाट के ऊपर से बह रहा था। वहीं तिलवारा घाट पर बना पुराना पुल लगभग डूबने की कगार पर है।
इस बीच, मौसम विशेषज्ञों ने राहत की खबर दी है। उनके अनुसार 5 से 7 अगस्त तक तीन दिन बारिश से हल्की राहत मिलने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में आंशिक बूंदाबांदी होती रहेगी। 8-9 अगस्त से फिर से झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं। स्थानीय मौसम वेधशाला से मिली जानकारी के अनुसार मौसम खुलते ही उमस का हमला हुआ है। आज सुबह से खिली धूप ने लोगों को पसीने से तरबतर कर दिया है।
मण्डला में सबसे ज्यादा बारिश
संभाग में सबसे ज्यादा पानी मण्डला जिले में रिकॉर्ड किया गया है, जहां अब तक 969.0 मिलीमीटर (38.11 इंच) पानी गिर चुका है। चूंकि मण्डला बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में शामिल है, इसलिए बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 17 गेट खोलने पड़े हैं। इस रैनी सीजन में 1 जून से आज सुबह तक 856.3 मिलीमीटर (33.7 इंच) पानी गिर चुका है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 898.8 मिलीमीटर (35.38 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
