इस अवसर पर जस्टिस संजय द्विवेदी ने युवाओं को खेल और व्यायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल और व्यायाम स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पद्मश्री हॉकी कोच अजीत पाल सिंह ने कहा, "खेल और व्यायाम के प्रति युवाओं का रुझान स्वस्थ भारत के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाएगा।"
अनुज कुमार ने कहा, "खेल दिवस की सार्थकता खिलाड़ियों के संकल्प से ही पूर्ण होगी। हमें अपने खिलाड़ियों के महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।"
पद्मश्री अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर श्री सुशील दोषी ने कहा कि खेल सितारों का सम्मान उनके लिए प्रोत्साहन का काम करता है और नए खिलाड़ियों को प्रेरणा देता है।
इस वर्ष महाकौशल खेल रत्न सम्मान से 34 खिलाड़ियों को और महाकौशल खेल शिरोमणि सम्मान से 2 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस वर्ष खेल रत्नों को रु. 5100/- और खेल शिरोमणि को रु. 11,000/- की राशि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में 14 जिलों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को महापौर कप महाकौशल खेल रत्न से अलंकृत किया गया, जिसमें बॉडी बिल्डिंग, फुटबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, पावर लिफ्टिंग, खो-खो, हॉकी, कुश्ती, एथलेटिक्स, कबड्डी, शतरंज, ताइक्वांडो, वेट लिफ्टिंग, स्ट्रेंथ लिफ्टिंग, योगा, तीरंदाजी, जूडो, कराटे, वुशू और अन्य खेलों के खिलाड़ी शामिल थे।
इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 संस्थाओं- हितकारिणी महासभा, जय बजरंग व्यायामशाला, गन फॉर ग्लोरी शूटिंग एकेडमी, कॉपोरेशन बास्केटबॉल एसोसिएशन और गोल बाजार क्रिकेट एकेडमी को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने किया और आभार प्रदर्शन अशोक गुप्ता द्वारा किया गया। समारोह में नगर निगम मेयर इन काउंसिल के डॉ. सुभाष तिवारी, रजनी साहू, राम सोनकर सहित अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
महाकौशल कीड़ा परिषद के 25वें वर्षगांठ के इस आयोजन ने खेल प्रेमियों और युवाओं को प्रेरित किया और खेल को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
