Jabalpur News: इटारसी-मानिकपुर के बीच अब चल सकेंगी पांच से ज्यादा ट्रेनें, नए सिग्नल सिस्टम से बढ़ेगी क्षमता

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्य प्रदेश रेलवे ने इटारसी से मानिकपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया है, जिससे दो स्टेशनों के बीच पांच से ज्यादा ट्रेनें एक साथ चल सकेंगी। जबलपुर रेल मंडल में यह कार्य 2027 तक पूरा हो जाएगा। 

ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम की मदद से दो स्टेशनों के बीच ट्रेन की संख्या और गति, दोनों में वृद्धि होगी। वर्तमान में मैन्युअल और पूर्ण ब्लॉक सिग्नल सिस्टम की वजह से दो स्टेशन के बीच केवल दो ट्रेनें ही चलाई जा सकती थीं। लेकिन, नए सिग्नल प्रणाली के लागू होने के बाद, यह संख्या चार से पांच तक बढ़ जाएगी, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में आसानी होगी। 

कैसे करेगा काम ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम?

ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड प्रणाली है। इसमें ट्रैक पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जो ट्रेन के आने-जाने की जानकारी स्टेशन मास्टर को देते हैं। इस प्रणाली के तहत, ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चलती हैं, और अगर किसी सिग्नल में तकनीकी खामी आती है, तो पीछे चल रही ट्रेनें वहीं रुक जाती हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। 

ट्रेन की रफ्तार और संख्या में होगा इजाफा

मौजूदा समय में, जबलपुर रेल मंडल में मैन्युअल सिग्नल होने के कारण ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा है। ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लागू होने के बाद यह गति 130 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी। इटारसी-जबलपुर-कटनी-मानिकपुर के बीच लगभग 510 किमी लंबे ट्रैक पर 24 घंटे में 120 से अधिक ट्रेनें चलाई जा रही हैं। नए सिग्नल प्रणाली के बाद, यह संख्या 160 तक पहुंच जाएगी।

व्यय और चुनौतियां भी कम नहीं

हर एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाए जाने से रखरखाव का खर्च बढ़ेगा। वर्तमान में सिग्नल विभाग के 800 से अधिक पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने में विभाग की रुचि नहीं दिखाई दे रही है। रखरखाव का काम ठेके पर दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा में भी समझौता हो सकता है।

फायदा को यात्रियों 

इस नई प्रणाली के लागू होने से रेलवे अधिक यात्री ट्रेनों का संचालन कर सकेगा, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में आसानी होगी और सफर का समय भी कम होगा। 

समाप्ति की समयसीमा

जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम, डॉ. मधुर वर्मा के अनुसार, "इटारसी से मानिकपुर के बीच ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम का काम 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे रेल यात्रा सुरक्षित और तेज होगी।" 

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