Jabalpur News: नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठेकेदार की मनमानी से चरमराई

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर /अनुराग दीक्षित नगर निगम के जोन क्रमांक 1, 2, 3, 4, एवं 15 में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठेकेदारों के हाथों में है। पार्षदों की शिकायतों के बावजूद ठेकेदार की मनमानी जारी है जिस कारण इएन जोनों के अंतर्गत आने वाले वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, और जिम्मेदार अधिकारी भी इस स्थिति को नजरअंदाज कर रहे हैं।

रोजाना वेतन के आधार पर रखे जा रहे रोज नये सफाई कर्मचारी

ठेके के नियमों के तहत सफाई कर्मचारियों को सूचीबद्ध कर मासिक वेतन पर रखा जाना चाहिए एवम उनके वेतन में से कुछ हिस्सा उनके भविष्य निधि खाते में जमा होना चाहिए, लेकिन सफाई ठेकेदार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर रोजाना वेतन के आधार पर रोज नवे कर्मचारियों को रखा जा रहा है। इससे सफाई व्यवस्था में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैजोन क्रमांक 1, 2, 3, 4एवं 15 में प्रतिदिन सफाई कर्मचारी बदलने से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। नए सफाई कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र का पता नहीं होता, जिससे सफाई का काम अधूरा रह जाता है। नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी संदीप जायसवाल एवं बर्फानी सिक्योरिटी सर्विस डायरेक्टर रितेश टंडन से संपर्क किया गया तो संपर्क नहीं हो पाया।

कई स्थायी मजदूरों ने वेतन एवं भविष्य निधि का पैसा न मिलने पर काम छोड़ा

कई सफाई कर्मचारियों तो सफाई ठेकेदार बफार्नी सिक्योरिटी सर्विस के डायरेक्टर रितेश टंडन पर आरोप लगा रहे हैं कि वह स्थायी मजदूरों को वेतन नहीं दे रहा है एवं उनका भविष्य निधि खाते में जमा पैसा भी नहीं दे रहा है जिसके कारण वे काम छोड़ चुके हैं। इसकी शिकायत वे लोग निगम प्रशासन से भी कर चुके है सूत्रों के अनुसार शिकायत करने से नाराज ठेकेदार ने एक सफाईकर्मी सुशांत माहर उर्फ नितेश को कार्यालय में बंद करके उसके साथ मारपीट भी की थी। 

दैनिक सांध्य बन्धु द्वारा सत्ता पक्ष के पार्षदों से संपर्क किया गया तो उन्होंने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनके द्वारा कमिश्नर के समक्ष शिकायत की गई थी तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार का ठेका निरस्त नहीं हो सकता है क्योंकि वह कोर्ट से स्टे लेकर आया है। लेकिन कोर्ट से स्टे का मतलब यह नहीं होता की ठेकेदार सफाई व्यवस्था ही चौपट कर दे। में सत्ता पक्ष का पार्षद हूं लेकिन सच्चाई के साथ हूं और सच्चाई यह है कि बार्ड में ठेकेदार की मनमानी पूरी तरह से चल रही है।

बिना पार्षदों के प्रमाणीकरण के हो रहा है भुकतान

इन जोनों के अंतर्गत आने वाले अधिकांश पार्षदों की माने तो सफाई कर्मचारियों की हाजिरी में भी गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। नगर निगम में प्रस्तुत की जाने वाले हाजिरी रजिस्टर में अधिकांश कर्मचारियों को उपस्थित दिखाया जाता है, लेकिन उनके वार्डों में सफाई कर्मियों की निर्धारित संख्या पूरी नहीं होती जिसकी शिकायत वार्ड पार्षद कई बार कर चुके हैं इसके बावजूद ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। पार्षदों का आरोप है कि ठेकेदार और मुख्य स्वस्थ निरिक्षक की मिलीभगत से जनवरी से अब तक बिना पार्षदों के प्रमाणीकरण के नगर निगम से ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है। यह गंभीर आरोप निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

इनका कहना है

बिना पार्षद के प्रमाणीकरण के ठेकेदार को नगर निगम द्वारा राशि का भुगतान कर दिया गया। जबकि पार्षद के प्रमाणीकरण जरूरी होता है जी जनवरी से नहीं लिया गया और मई तक की राशि का भुगतान कर दिया गया। सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं पूरे वार्ड में जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं। मेरे द्वारा कई बार महापौर एवं अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन आज दिनांक तक कोई हल नहीं निकला। अनुपम जैन पार्षद कांग्रेस

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