Jabalpur News: नशामुक्ति केंद्र में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। अमखेरा स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती युवक मनोज अहिरवार द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में परिजनों ने सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि नशामुक्ति केंद्र ने उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए थे, जिससे यह घटना घटी।

मनोज अहिरवार, जो कुड़ई थाना पटेरा, जिला दमोह का निवासी था, को 4 नवंबर को शराब छुड़वाने के लिए जबलपुर के गोहलपुर थाने अंतर्गत स्थित सद्मावना नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, नशामुक्ति केंद्र ने उनसे 15 हजार रुपए महीने की फीस मांगी थी, जिसमें से 7 हजार रुपए की पहली किश्त चुका दी गई थी। शेष भुगतान महीने के अंत में करना था।

लेकिन, 13 नवंबर को नशामुक्ति केंद्र से परिजनों को सूचना मिली कि मनोज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो नशामुक्ति केंद्र के संचालक ने बताया कि मनोज ने शर्ट को दरवाजे के कुंदे से बांधकर आत्महत्या की।

परिजनों का आरोप है कि जिस दरवाजे के कुंडे से मनोज ने फांसी लगाई, उसकी ऊंचाई मात्र 6 फीट थी, और यह सवाल उठाते हैं कि नशा मुक्ति केंद्र में रहने वाले नशेड़ी व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस उपाय नहीं किए गए थे। परिजनों ने इस घटना की जांच की मांग की है और नशामुक्ति केंद्र के संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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