दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नाबालिग बच्चों द्वारा बोनफिक्स, सुलोचन, कोरेक्स और थिनर जैसे नशीले पदार्थों के सेवन की बढ़ती घटनाओं पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने नाबालिगों को इन वस्तुओं का विक्रय रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि नाबालिगों को नशीली वस्तुओं की बिक्री रोकने के लिए धारा 163 के तहत आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने इसे एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि समाज और प्रशासन को मिलकर इस पर प्रभावी अंकुश लगाना होगा।
जबलपुर में हाल ही में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे नशे के आदी पाए गए। रेलवे स्टेशन और अन्य इलाकों में सड़क पर घूमने वाले बच्चे सुलोचन और बोनफिक्स जैसे नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। यह लत न केवल उनके जीवन को खतरे में डाल रही है, बल्कि वे अपने साथियों को भी प्रभावित कर रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, इन पदार्थों का सेवन बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। यह टीबी, कैंसर जैसी बीमारियों के साथ-साथ मानसिक विकारों का कारण बन सकता है। नशे की लत पूरी करने के लिए बच्चे आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने इस समस्या के समाधान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि नशे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी हितधारकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
