Jabalpur News: चर्चित ज्योति हत्याकांड, पति समेत 4 की उम्रकैद बरकरार, प्रेमिका मनीषा मखीजा बरी

दैनिक सांध्य बन्धु कानपुर/जबलपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के हाई प्रोफाइल ज्योति श्यामदसानी (जबलपुर की बेटी) हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति पीयूष श्यामदसानी और 4 अन्य दोषियों की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। वहीं, मुख्य आरोपी की प्रेमिका मनीषा मखीजा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

फैसला: अपील खारिज, मनीषा को राहत

हाईकोर्ट ने पीयूष श्यामदसानी, अवधेश, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया, आशीष और सोनू की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इनके खिलाफ अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जो इनकी संलिप्तता साबित करते हैं। हालांकि, मनीषा मखीजा के मामले में ठोस प्रमाणों की कमी के चलते उसे बरी कर दिया गया।

ज्योति हत्याकांड का पूरा मामला

27 जुलाई 2014 को ज्योति श्यामदसानी का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस साजिश में उसके पति पीयूष श्यामदसानी ने अपनी प्रेमिका मनीषा मखीजा और भाड़े के हत्यारों अवधेश, रेनू, आशीष, और सोनू के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा था। हत्या के पीछे कारण पीयूष और मनीषा के बीच प्रेम संबंध थे, जिसमें ज्योति को बाधा माना गया।

जबलपुर के पिता का दर्द

ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने कहा कि उनकी बेटी को पति सहित चार हत्यारों को सजा मिलने से न्याय जरूर मिला है, लेकिन आरोपी प्रेमिका मनीषा के बरी होने से वे दुखी हैं। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की बात कही है।

सेशन कोर्ट का फैसला और अपील

इस मामले में कानपुर के जिला सत्र न्यायालय ने 20 अक्टूबर 2022 को सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद सभी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। मनीषा समेत तीन आरोपी जमानत पर थे, जबकि पीयूष और अन्य तीन दोषी जेल में बंद हैं। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद मनीषा को राहत मिली, जबकि अन्य दोषियों को दोबारा जेल जाना पड़ेगा।

नागदेव परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने मनीषा मखीजा की रिहाई को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

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