दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नगर निगम साधारण सभा की बैठक में ठेकेदारों के भुगतान और कमीशन के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। शुरुआती शांतिपूर्ण चर्चा वार्डों में रुके विकास कार्यों से जुड़ी थी, लेकिन जब मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने ठेकेदारों को समय पर भुगतान होने का दावा किया, तो विपक्ष ने इसे जोरदार तरीके से खारिज कर दिया।
कमीशन के आरोपों से गरमाया सदन
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को भुगतान में देरी के पीछे 4% से 10% तक कमीशन की मांग जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बिना कमीशन दिए ठेकेदारों का भुगतान नहीं होता, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर जमकर नारेबाजी की और गैर गुणवत्ता पूर्ण हो रहे कार्यों की भी बात उठाई।
महापौर ने रखे आंकड़े
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अब तक 371 करोड़ रुपए के विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस साल पीडब्ल्यूडी के तहत 85 करोड़ का भुगतान हो चुका है, जबकि केवल 22 करोड़ रुपए पेंडिंग हैं। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर यह दावा किया कि विकास कार्य रुकने का आरोप निराधार है।
सदन में उठा वाचनालय और सामुदायिक भवन का मुद्दा
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड की पार्षद अदिति अतुल बाजपेयी ने पं. आदित्य नारायण बाजपेयी वाचनालय और सामुदायिक भवन के पुनर्निर्माण का मुद्दा नगर निगम में उठाया। उन्होंने कहा कि जर्जर हालत के कारण अगस्त में भवन को गिरा दिया गया था, और अधिकारियों ने इसे शीघ्र बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कई आवेदन के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। यह भवन स्थानीय लोगों के लिए बेहद उपयोगी है और इसे जल्द से जल्द बनवाने की आवश्यकता है।
अधिकारियों और महापौर पर गुमराह करने का आरोप
सदन में कांग्रेस पार्षदों ने अधिकारियों और महापौर पर गुमराह करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने बताया कि लेमा गार्डन टंकी क्षेत्र में पानी की समस्या हल करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
धरने पर बैठे पार्षद
पार्षद वकील अंसारी ने अपने वार्ड में अव्यवस्थित नालों और महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की कमी को लेकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि बस्ती की महिलाएं अब भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। धरने को पार्षद कमलेश अग्रवाल और महेश राजपूत ने पार्षदों मनाकर खत्म कराया।
