दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। भोपाल एम्स में 3 साल की बच्ची की आंख में घुसी 10 सेंटीमीटर लंबी पेंसिल का सफल ऑपरेशन किया गया। हादसे में पेंसिल बच्ची की आंख और जबड़े की हड्डी के बीच फंसकर दिमाग की नसों तक पहुंच गई थी। डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे के ऑपरेशन के बाद पेंसिल को सुरक्षित निकाल दिया।
बच्ची रायसेन जिले के सुल्तानपुर की रहने वाली है। परिजनों के अनुसार, यह घटना आंगनवाड़ी में हुई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को हादसे की स्पष्ट जानकारी नहीं है। आशंका है कि बच्ची पेंसिल पर गिर गई होगी। हैरानी की बात यह है कि पेंसिल नुकीले हिस्से से नहीं, उल्टे हिस्से से आंख में घुसी थी।
बच्ची को परिजन सोमवार दोपहर एम्स भोपाल लेकर पहुंचे। यहां ट्रॉमा और आपातकालीन विभाग में तत्काल एडमिट कर जांच शुरू की गई। ऑपरेशन में नेत्र रोग, न्यूरो सर्जरी और ट्रॉमा विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे।
न्यूरो सर्जन डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि "पेंसिल आंख की बाहरी परत से होकर ब्रेन की नसों तक पहुंच गई थी। हालांकि, ऑपरेशन के बाद ब्रेन और आंख को गंभीर नुकसान से बचा लिया गया है। बच्ची की आंख की रोशनी सुरक्षित रहने की उम्मीद है, लेकिन पूरी पुष्टि में समय लगेगा।"
सर्जिकल टीम का नेतृत्व नेत्र रोग विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. प्रीति सिंह ने किया। न्यूरो सर्जरी से डॉ. आदेश श्रीवास्तव और ट्रॉमा से डॉ. भूपेश्वरी व डॉ. अंशु ने सहयोग किया। एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास और समयबद्ध देखभाल का परिणाम बताया।
