दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जिले में कृषि माफियाओं ने 55 किसानों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा कर लिया। आरोप है कि किसानों के असली दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम से फर्जी सिकमीनामा तैयार किए गए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर समर्थन मूल्य पर मूंग की बिक्री कर दी गई। इतना ही नहीं, किसानों के नाम से डबल लॉक सेंटर से यूरिया खाद भी उठा ली गई।
जब किसानों को हकीकत का पता चला तो उन्होंने बेलखेड़ा थाने और पाटन एसडीओपी से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर वे मंगलवार को जबलपुर एसपी कार्यालय पहुंचे और 100 रुपए के शपथ पत्र पर शिकायत दर्ज कराई।
ऐसे हुआ खुलासा
ग्राम पथरिया के किसान जब यूरिया लेने सरकारी गोदाम पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम से पहले ही खाद का वितरण हो चुका है। जब जांच की गई तो सामने आया कि उन्हीं के नाम पर फर्जी सिकमीनामा लगाकर मूंग की बिक्री भी हो चुकी है। जबकि वास्तविक मूंग अब भी किसानों के पास थी।
किसानों का आरोप
किसानों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में करीब 500 एकड़ जमीन पर फर्जी सिकमीनामा चढ़ाकर उन्हें पूरे साल के लिए एमएसपी पर फसल बेचने और खाद-यूरिया लेने से वंचित कर दिया गया है। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि इसमें अधिकारियों, सर्वेयर और वेयरहाउस मालिकों की मिलीभगत भी हो सकती है।
13 ठगों के नाम सामने आए
जांच में अब तक 13 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी सिकमीनामा बनाकर किसानों के नाम से करोड़ों का लाभ उठाया। किसानों ने पुलिस को आरोपियों के नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, समग्र आईडी और बैंक विवरण तक सौंप दिए हैं।
किसानों की शिकायत पर सीएसपी मधुर पटेरिया ने कहा कि मामला गंभीर है। पुलिस को दस्तावेज, नाम और नंबर मिले हैं। जल्द ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
.jpeg)