दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर/सिवनी। चर्चित सिवनी हवाला कांड में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर क्राइम ब्रांच ने जबलपुर के पूर्व सीएसपी व वर्तमान में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ एसडीओपी (डीएसपी) पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद हवाला नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
DSP पंकज मिश्रा समेत चार गिरफ्तार
जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बालाघाट DSP पंकज मिश्रा, साइबर सेल के कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी, कटनी के पंजू गिरी गोस्वामी और निलंबित SDOP पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार किया। सभी को सिवनी न्यायालय में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पंकज मिश्रा की सूचना पर ही 3 करोड़ की रकम रोकी गई थी
जांच में सामने आया है कि जबलपुर के पूर्व CSP और वर्तमान DSP पंकज मिश्रा ही वह अधिकारी थे, जिन्होंने हवाला रकम के सिवनी से निकलने की सूचना अपनी बैचमेट SDOP पूजा पांडे को दी थी। इसी सूचना के आधार पर पूजा पांडे ने कार्रवाई की योजना बनाई और रात 1:30 बजे सीलादेही में क्रेटा कार को रोककर 3 करोड़ रुपये जब्त किए। पूजा पांडे के मोबाइल में पंकज मिश्रा का नंबर "Pankaj Sir" के नाम से सेव मिला है, जो उनकी करीबी संवाद की पुष्टि करता है।
तकनीकी सबूतों से खुली आरोपियों की मिलीभगत
जबलपुर क्राइम ब्रांच और SIT ने तकनीकी जांच, मोबाइल डेटा, और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की भूमिका जोड़कर विस्तृत जांच की। पूछताछ में पता चला कि हवाला नेटवर्क से जुड़ी सूचना साझा करने और रकम रोकने की कार्रवाई में पंकज मिश्रा की प्रत्यक्ष भूमिका थी।
मामले की जड़ में निलंबित SDOP पूजा पांडे
इससे पहले इस केस में निलंबित SDOP पूजा पांडे, SI अर्पित भैरम और अन्य 9 पुलिसकर्मी पहले से जेल में हैं। पूजा रीवा जेल में बंद है, जबकि अन्य पुलिसकर्मी नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में हैं।
रिपोर्ट में 3 करोड़ में से सिर्फ 1.45 करोड़ दिखाए गए
हवाला कारोबारी सोहन परमार से 3 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे, पण रिपोर्ट में सिर्फ ₹1.45 करोड़ दिखाए गए। एएसपी दीपक मिश्रा की जांच के दौरान जब पूजा पांडे ने कार्यालय की अलमारी से 1.45 करोड़ निकालकर दिए, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जांच जारी, नए खुलासों की उम्मीद
DSP पंकज मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद यह माना जा रहा है कि SIT अब हवाला नेटवर्क, रकम के असली स्रोत, और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत की गुत्थी और गहराई से खोलेगी।