लालू परिवार में घमासान: रोहिणी बोलीं - किडनी देने की बात आई तो बेटा भाग गया, जो लालू के नाम पर कुछ करना चाहते हैं

दैनिक सांध्य बन्धु पटना (एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार में उभर रहा विवाद अब बड़े संकट का रूप ले चुका है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव और उनके करीबी संजय यादव पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। रोहिणी ने एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब पिता को किडनी देने की बात आई, तो बेटा पीछे हट गया। उन्होंने चुनौती दी कि जो लोग उनकी किडनी को “गंदा” कहते हैं, वे अस्पतालों में जरूरतमंदों को किडनी दान कर अपनी तथाकथित हमदर्दी साबित करें।

रोहिणी की विद्रोहपूर्ण पोस्ट और बयान सामने आने के बाद राबड़ी आवास के बाहर समर्थकों ने संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी की। “संजय यादव हरियाणा जाओ” जैसे नारे पूरे शाम गूंजते रहे। इसी बीच तेजप्रताप यादव ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अपने अपमान तक तो सह गए, लेकिन बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रोहिणी ने दावा किया कि परिवार में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, उन्हें “गंदी किडनी” कहकर अपमानित किया गया और यहां तक कि उन्हें चप्पल से मारने की कोशिश हुई। भावुक होकर उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ही परिवार ने अनाथ बना दिया और रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ना पड़ा।

उधर, विवाद में घिरे संजय यादव और रमीज पर आरोप है कि वे तेजस्वी यादव के हर फैसले को नियंत्रित करते हैं। दोनो की बढ़ती दखलंदाजी से परिवार के कई सदस्यों में नाराजगी है। यही नाराजगी चुनाव में हार के बाद और तीखी हो गई है, जब RJD महज 25 सीटों पर सिमट गई।

इस राजनीतिक और पारिवारिक संघर्ष के बीच तीन और बहनें—रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा—भी पटना छोड़ दिल्ली चली गईं। राबड़ी आवास अब लगभग खाली हो चुका है।

लालू के पुराने सहयोगी शिवानंद तिवारी ने भी परिवार की आलोचना करते हुए कहा कि लालू “धृतराष्ट्र” की तरह बेटे के लिए सत्ता तैयार कर रहे थे जबकि तेजस्वी संघर्ष से दूर सपनों में खोए रहे।

इस बवाल के पीछे संजय यादव की बढ़ी ताकत और तेजस्वी पर उनका प्रभाव मुख्य कारण बताया जा रहा है। तेजप्रताप पहले से ही उन्हें ‘जयचंद’ कहकर निशाना साधते रहे हैं। वहीं रमीज पर भी कई संगीन मामले दर्ज हैं और वह RJD के सोशल मीडिया संचालन से जुड़े हैं।

तेजप्रताप खुद भी परिवार से बेदखल हो चुके हैं और महुआ से निर्दलीय चुनाव लड़कर हार चुके हैं। परिवार की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ चुकी है और राजनीतिक भविष्य पर गहरे सवाल खड़े कर रही है।

लालू परिवार में चल रही यह जंग न सिर्फ RJD की राजनीति को हिला रही है, बल्कि बिहार की सियासत में भी बड़े बदलाव की आहट दे रही है।

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