दैनिक सांध्य बन्धु नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भीषण धमाके के बाद जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस हमले की साजिश जनवरी 2025 से रची जा रही थी। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने देशभर में 200 से अधिक बम धमाकों की योजना बनाई थी।
डॉ. शाहीन शाहिद दो साल से जुटा रही थी विस्फोटक सामग्री
फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी। वह आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ी थी। इस मॉड्यूल में डॉक्टर, प्रोफेसर और रिसर्चर जैसे शिक्षित लोग शामिल थे।
दूसरी कार भी मिली, उमर के नाम पर रजिस्टर्ड
धमाके में शामिल आतंकियों के पास दो कारें थीं। पुलिस ने लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट (DL10-CK-0458) कार को हरियाणा के खंदावली गांव से बरामद किया है। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
भूटान से लौटते ही पीएम मोदी LNJP अस्पताल पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान से लौटते ही सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे और धमाके में घायल मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और कहा इस कायराना साजिश को अंजाम देने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
26/11 जैसी साजिश, देशभर में 200 धमाकों की योजना
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आतंकियों ने देशभर के रेलवे स्टेशनों, मॉल और धार्मिक स्थलों पर धमाके करने की साजिश रची थी। टारगेट में लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगहें थीं।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
AIIMS लैब में DNA जांच: मारे गए डॉ. उमर की पहचान के लिए मां का DNA सैंपल लिया गया।
NIA ने जांच संभाली: गृह मंत्रालय ने केस को NIA को ट्रांसफर कर दिया।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी: केंद्रीय एजेंसियां बुधवार को कैंपस पहुंचीं।
5 कश्मीरी डॉक्टर गिरफ्तार: अब तक कश्मीर से पांच डॉक्टरों को हिरासत में लिया जा चुका है।
जैश सरगना की बहन के संपर्क में थी शाहीन: वह सादिया अजहर के संपर्क में थी और ‘जमात-उल-मोमिनात’ नामक महिला विंग से जुड़ी थी।
धमाके का असर: चांदनी चौक में 500 करोड़ का नुकसान
लाल किले के पास धमाके के बाद चांदनी चौक बाजार में सन्नाटा छा गया है। तीन दिन में कारोबारियों को करीब ₹500 करोड़ का नुकसान हुआ है।
केंद्र सरकार की खुफिया तंत्र की नाकामी
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा यह केंद्र सरकार की खुफिया तंत्र की नाकामी है। जब देश के दिल में ऐसा हमला हो सकता है, तो यह गंभीर सवाल है कि सुरक्षा एजेंसियां आखिर कर क्या रही हैं?”
जांच जारी, 40 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे गए
घटनास्थल से करीब 40 सैंपल जुटाए गए हैं, जिनमें से एक में अमोनियम नाइट्रेट होने की संभावना पाई गई है।
