दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना हनुमानताल पुलिस ने उस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है जिसमें उधारी के रुपए और ब्याज की प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में फरार चल रहे तीनों सूदखोर आरोपियों को पुलिस ने भानतलैया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने 4-4 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।
25 सितंबर 2025 को सौरभ जैन ने थाना हनुमानताल में सूचना दी थी कि शरद विश्वकर्मा के मकान में किराए से रहने वाला संदीप बारी (निवासी खेरमाई मंदिर के पास) अपने कमरे में फांसी लगाकर मृत पाया गया। मृतक की पत्नी पूजा कोरी ने पड़ोसी आशा विश्वकर्मा को फोन कर अपने पति की स्थिति देखने को कहा था। जब दरवाजा नहीं खुला तो धक्का देने पर पता चला कि संदीप ने कमरे में पंखे के हुक से लटककर आत्महत्या कर ली है।
सुसाइड नोट ने खोला राज़
जांच के दौरान पुलिस को संदीप का सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने तीन लोगों—जय सोनकर, तनु सोनकर और आसू सोनकर—पर उधारी के पैसे व ब्याज की लगातार वसूली से मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मृतक के परिवारजन और गवाहों के बयानों से भी यह तथ्य पुष्ट हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 108, 3(5) बीएनएस तथा 4 कर्ज़ा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
तीनों आरोपी जय उर्फ ऐश्वर्य सोनकर, तनिष्क सोनकर उर्फ तनु और राघवेन्द्र सोनकर उर्फ आसु फरार थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता एवं नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया के मार्गदर्शन में तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर भानतलैया में घेराबंदी कर तीनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों ने स्वीकारा अपराध
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मृतक संदीप बारी को ब्याज पर पैसे दिए थे और उससे 20% ब्याज वसूलते थे। आरोपियों में जय उर्फ ऐश्वर्य सोनकर (22 वर्ष), निवासी आकांक्षा अस्पताल की गली थाना बेलबाग, तनिष्क सोनकर उर्फ तनु (25 वर्ष), निवासी खेरमाई मंदिर, पेशकारी स्कूल के पास ओमती और राघवेन्द्र सोनकर उर्फ आसु (22 वर्ष), निवासी बड़ी ओमती को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
फरार इनामी आरोपियों को गिरफ्तार करने में उप निरीक्षक राजेश पांडे, सहायक उप निरीक्षक रामलाल जरहा, रोहिणी शुक्ला, प्रधान आरक्षक अजय डबराल, वीरेन्द्र पटेल, आरक्षक बृजेश त्रिपाठी और सुलभ राय की सराहनीय भूमिका रही।
