दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में है। पहले खून की दलाली और फिर ठेका कर्मी के डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने के मामले के बाद अब कमीशन के खेल का नया मामला सामने आया है। इस बार मामला महिला कर्मचारी के साथ सैलरी में कमीशन मांगने और उत्पीड़न से जुड़ा है।
कमीशन न देने पर शुरू हुई प्रताड़ना
मेडिकल कॉलेज में यूडीएस कंपनी के ठेके में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी अनीता झारिया ने आरोप लगाया है कि सुपरवाइजर प्रीति और सरिता उसके वेतन में से कमीशन मांग रही थीं। जब उसने कमीशन देने से मना किया, तो दोनों सुपरवाइजरों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पीड़ित महिला का कहना है कि सुपरवाइजरों ने झूठे आरोप लगाकर उसकी ड्यूटी बार-बार बदल दी और अब उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
“खर्चा पानी दो, तभी चैन से काम कर पाओगी” – सुपरवाइजर का दबाव
महिला कर्मचारी ने बताया कि प्रीति और सरिता नाम की सुपरवाइजरें उससे कहती हैं कि अगर वह “खर्चा पानी” देगी तो उसे आराम से ड्यूटी करने दिया जाएगा, अन्यथा उसे लगातार परेशान किया जाएगा।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
पीड़िता अनीता झारिया ने बताया कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत अधिकारियों और संबंधित विभागों से की, लेकिन अब तक किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता का आरोप है कि सुपरवाइजरों के खिलाफ शिकायत देने के बाद भी प्रबंधन मौन बना हुआ है और उसे रोजाना नए-नए तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है।
जांच की मांग
महिला कर्मचारी ने अब जांच की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से लेकर प्रशासन तक पहुंचकर आवाज उठाएगी।

