दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। भोपाल में करणी सेना के बड़े क्षत्रिय क्रांति सम्मेलन के दौरान शनिवार को उस वक्त तनाव बढ़ गया, जब संगठन के कार्यकर्ता अपनी 15 मांगों को लेकर सीएम हाउस की ओर कूच करने लगे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रास्ते में ही उन्हें रोक लिया, जिसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए और कहा कि वे ज्ञापन सिर्फ सीएम ऑफिस के अधिकारी को ही सौंपेंगे।
8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लौटा, 25 नवंबर तक समाधान का भरोसा
विरोध के बीच संगठन का 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सीएम हाउस पहुंचा, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव की अनुपस्थिति के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अधिकारियों ने करणी सेना पदाधिकारियों से बातचीत कर 25 नवंबर तक हरदा प्रकरण सहित अन्य मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल के लौटते ही मंच से इसकी घोषणा की गई।
“भोपाल को नेपाल बना देंगे” : राणा
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने मंच से कहा “यह आंदोलन की सिर्फ शुरुआत है। हरदा प्रकरण में कलेक्टर और एसपी को तत्काल निलंबित किया जाए। जरूरत पड़ी तो भोपाल को नेपाल बनाने में देर नहीं लगेगी।” उनके इस बयान के बाद माहौल और गरमा गया।
क्या है हरदा विवाद?
करणी सेना पदाधिकारी से 1.52 कैरेट हीरे के नाम पर 18 लाख रुपए की ठगी हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा, लेकिन संगठन ने मिलीभगत का आरोप लगाया। विरोध तेज होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और चार कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए। प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को भी हरदा में गिरफ्तार किया गया। इसी के बाद मामला राज्यभर में उबल पड़ा और आज भोपाल में बड़ा प्रदर्शन हुआ।