श्रीनगर थाने में भीषण धमाका: 9 की मौत, 32 घायल; 300-600 मीटर दूर तक गिरे बॉडी पार्ट्स

दैनिक सांध्य बन्धु नई दिल्ली (एजेंसी)। श्रीनगर के नौगाम थाने में शुक्रवार रात 11:22 बजे जबरदस्त धमाका हुआ। विस्फोट इतना तीव्र था कि थाने से 300 से 600 मीटर दूर तक मानव शरीर के टुकड़े गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने अपने घरों के बाहर खोपड़ी और बॉडी पार्ट्स तक गिरते देखे। धमाका होते ही आसपास का इलाका हिल गया और कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।

इस ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हैं। मरने वालों में एक इंस्पेक्टर, 3 फोरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्राफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है। घायलों का इलाज 92 आर्मी बेस और SKIMS सौरा अस्पताल में जारी है।

धमाके के वक्त थाने में हरियाणा के फरीदाबाद से जब्त किए गए 358 किलो विस्फोटक की सैंपलिंग की जा रही थी। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक में डेटोनेटर के बिना धमाका संभव नहीं है, ऐसे में यह हादसा कैसे हुआ—यह सबसे बड़ा सवाल है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि धमाके की आवाज श्रीनगर से बडगाम तक सुनाई दी। CCTV फुटेज में आसपास के घरों की खिड़कियां हिलती और शीशे टूटते दिखे। कई परिवारों के घरों को भारी नुकसान हुआ। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने कहा—“हम सो रहे थे, अचानक जोरदार धमाका हुआ। घर टूट गया। बाहर आए तो इंसानी शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे।”

मारे गए लोगों में फोटोग्राफर अर्शीद अहमद भी शामिल हैं, जो परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं और पिता हार्ट के मरीज हैं। वहीं दर्जी मोहम्मद शफी के परिवार में भी अब कोई कमाने वाला नहीं बचा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली लाल किले के पास 10 नवंबर को ऐसे ही धमाके के बाद भी, उसी तरह के विस्फोटकों को नौगाम थाने जैसे आबादी वाले क्षेत्र में क्यों रखा गया? पूर्व IPS अधिकारी प्रकाश सिंह और फोरेंसिक एक्सपर्ट इसे गंभीर लापरवाही बता रहे हैं। गृह मंत्रालय ने अप्रैल 2025 में विस्फोटकों की हैंडलिंग और डिस्पोजल पर एक स्पष्ट SOP जारी की थी, लेकिन नौगाम में इसका पालन नहीं हुआ।

जांच एजेंसियां इस समय यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिना डेटोनेटर के इतना बड़ा धमाका कैसे हुआ और विस्फोटकों को थाने में रखने की अनुमति किसने दी। श्रीनगर ब्लास्ट फिलहाल कई अनसुलझे सवालों और गंभीर चूक की ओर इशारा कर रहा है।

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