कंगना रनौत पर चलेगा राजद्रोह का केस: किसान आंदोलन में ‘रेप-मर्डर’ वाला बयान बना कारण

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) आगरा। बॉलीवुड एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनोट की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। किसान आंदोलन को लेकर दिए गए विवादित बयान पर अब उनके खिलाफ राजद्रोह का केस चलेगा। आगरा की स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में रिवीजन याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई का आदेश दिया है।

कोर्ट का आदेश: निचली अदालत में दोबारा होगी सुनवाई

स्पेशल जज लोकेश कुमार की कोर्ट में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा कंगना का केस खारिज करना गलत था, इसलिए अब वहीं से केस दोबारा चलेगा।

कंगना पर बीएनएस की धारा 356 (राजद्रोह) और 152 (सामुदायिक वैमनस्य) के तहत मुकदमा चलेगा।

मामला कब शुरू हुआ?

वकील रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को कंगना के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना ने 26 अगस्त 2024 को किसानों के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था।

कंगना ने कहा था अगस्त 2020 से दिसंबर 2021 तक किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे रहे, उस दौरान रेप और मर्डर हुए। अगर देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो भारत में बांग्लादेश जैसे हालात बन जाते।

इस बयान के बाद किसानों में गुस्सा फैल गया था और इसे किसानों का अपमान बताया गया था।

शिकायतकर्ता बोले – “हम किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं”

एडवोकेट रमाशंकर शर्मा ने कहा मैं खुद किसान परिवार से हूं। कंगना के बयान ने किसानों को हत्यारा और बलात्कारी बताया, जो बेहद अपमानजनक है। हमने पुलिस कमिश्नर और थाना न्यू आगरा को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए कोर्ट की शरण ली।

कंगना के विवादित बयान, जिन्होंने मचाया था बवाल

1. किसानों की तुलना खालिस्तानी आतंकियों से की

> कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था – “खालिस्तानी आतंकवादी सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें इंदिरा गांधी को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने इन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था।”

2. “महिलाएं 100 रुपए लेकर धरने में बैठती हैं”

> नवंबर 2020 में उन्होंने एक महिला प्रदर्शनकारी की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा था कि यह शाहीन बाग की बिलकिस दादी हैं, जो 100 रुपए लेकर धरने पर बैठती हैं।

3. “1947 की आजादी भीख में मिली”

> 2021 में कहा था — “1947 में जो आजादी मिली, वो भीख थी; असली आजादी 2014 में मिली, जब मोदी सरकार आई।”

CISF कॉन्स्टेबल ने जड़ा था थप्पड़

2024 में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF की महिला कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मार दिया था। बाद में वीडियो में कौर ने कहा था कि उनकी मां किसान आंदोलन में शामिल थीं और कंगना के बयान से वह आहत थीं। इस घटना के बाद कुलविंदर को सस्पेंड कर दिया गया था।

6 बार बुलाने पर भी कोर्ट में पेश नहीं हुईं कंगना

कंगना रनोट को अब तक 6 बार समन जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुई हैं। अब जब कोर्ट ने राजद्रोह और किसानों के अपमान वाले केस को दोबारा चलाने का आदेश दिया है, तो उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।


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