दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। भोपाल के प्रसिद्ध केरवा डैम में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया। डैम के गेट नंबर 8 के ऊपर बना सीमेंट कंक्रीट का स्लैब अचानक गिर गया। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से ब्रिज पर आने-जाने वालों की आवाजाही रोक दी गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी सुबह मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बाद में स्थिति की निगरानी के लिए कोई मौजूद नहीं रहा।
प्रत्यक्षदर्शी आसिफ खान ने बताया कि वह सुबह करीब 9 बजे ब्रिज से गुजर रहे थे। कुछ ही दूरी पर पहुंचने के बाद स्लैब का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। उन्होंने कहा अगर मैं कुछ देर और रुक जाता तो हादसे में फंस सकता था। आसपास के गांवों के लोग रोज इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हजारों लोग केरवा डैम घूमने आते हैं और इसी ब्रिज के रास्ते से गुजरते हैं। हादसे के बावजूद अभी भी कुछ लोग वहां पहुंच रहे हैं, जबकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, केरवा डैम भोपाल के पुराने डैमों में से एक है। इसका निर्माण भदभदा डैम से पहले हुआ था, जबकि भदभदा डैम 1965 में बनाया गया था। इस हिसाब से केरवा डैम करीब 50 साल पुराना बताया जा रहा है।
इस साल केरवा डैम को पूरा नहीं भरा गया। कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट कई बार खोले गए, लेकिन केरवा डैम के गेट एक बार भी नहीं खोले गए। यही डैम भोपाल के कोलार इलाके को पानी की सप्लाई करता है।
फिलहाल प्रशासन ने मरम्मत और सुरक्षा के उपाय शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
