4 दिन में 1700+ फ्लाइट रद्द, सरकार बैकफुट पर: इंडिगो संकट से देशभर में हाहाकार, किराया 10 गुना तक बढ़ा

दैनिक सांध्य बन्धु नई दिल्ली (एजेंसी)। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के क्रू संकट ने चार दिनों में हवाई यात्रा प्रणाली को ठप कर दिया है। 1700 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद केंद्र सरकार बैकफुट पर दिखी और DGCA को वीकली रेस्ट से जुड़े नियमों में अस्थायी राहत देनी पड़ी। वहीं हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं, कई जगह मारपीट और हंगामे भी हुए।

इंडिगो का कहना है कि 10 से 15 दिसंबर तक हालात पूरी तरह सामान्य हो सकेंगे, जबकि दूसरी एयरलाइंस ने किराया कई गुना बढ़ा दिया है। मेक माई ट्रिप के मुताबिक दिल्ली-बेंगलुरु की कुछ फ्लाइट्स का किराया 80,000 रुपए तक पहुंच गया।

नागरिक उड्डयन मंत्री ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि फ्लाइट कैंसिल होने पर पूरा रिफंड दें और फंसे यात्रियों को होटल-खाना उपलब्ध कराएं।

एयरपोर्ट्स पर हंगामा, धक्का-मुक्की और लंबा इंतजार


दिल्ली एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां 225 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। यात्री 12-12 घंटे फर्श पर बैठकर फ्लाइट का इंतजार करते दिखे। रायपुर, मुंबई, पुणे, जयपुर और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी यही हाल रहा—किसी का सामान खो गया, किसी की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई।

मध्य प्रदेश में भारी असर


राज्य में 65 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं—इंदौर से 44, भोपाल से 18 और जबलपुर से 5 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। कई यात्री वापस लौटने को मजबूर हुए।

DGCA के नए नियमों से बढ़ा संकट


1 नवंबर से लागू फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों के बाद पायलटों और क्रू को अनिवार्य वीकली रेस्ट देना पड़ा, जिससे अचानक क्रू की कमी हो गई। नवंबर में इंडिगो की 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 755 उड़ानें FDTL नियमों से प्रभावित थीं।

तीन दिन में हालात सामान्य करने के निर्देश

 
सरकार ने इस मामले में हाईलेवल जांच कमेटी बनाई है। DGCA ने इंडिगो से हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट देने और क्रू भर्ती, ट्रेनिंग व रोस्टर में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

देशभर के एयरपोर्ट्स पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं, और यात्रियों को राहत मिलने में कुछ और दिन लग सकते हैं।

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