दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना संजीवनी नगर क्षेत्र अंतर्गत ट्रक चालक की हुई अंधी हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मजदूरी के पैसे न मिलने से नाराज होकर ट्रक चालक की पत्थर पटककर हत्या करने वाले हेल्पर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
घटना 6 दिसंबर 2025 की है, जब शाही तालाब संजीवनी नगर में एक ट्रक के केबिन में व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना पर थाना प्रभारी संजीवनी नगर निरीक्षक बी.डी. द्विवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना देने वाले अजय पटेल ने बताया कि अंबिका प्रसाद शर्मा के मकान के सामने खड़े छः चक्का ट्रक क्रमांक CG 04 QG 9427 के केबिन में एक व्यक्ति औंधे मुंह मृत अवस्था में पड़ा है, जिसके सिर और चेहरे से खून बह रहा है।
मृतक की पहचान माधव रजक पिता गोपाल रजक उम्र लगभग 35 वर्ष, निवासी ग्राम पथरिया जिला दमोह के रूप में हुई। घटनास्थल पर मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए तथा पास में खून सना बड़ा पत्थर भी मिला। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका स्पष्ट होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एम.डी. नागोतिया, एफएसएल टीम एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। इस मामले में थाना संजीवनी नगर में अपराध क्रमांक 441/25 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान वाहन मालिक एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ में सामने आया कि मृतक ट्रक चालक था और उसके साथ एक हेल्पर भी था, जो घटना के बाद से लापता था। इस आधार पर पुलिस का संदेह हेल्पर पर गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान हेमचंद पटैल निवासी पथरिया जिला दमोह के रूप में की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी हेमचंद पटैल उम्र 30 वर्ष को इटारसी जंक्शन से गिरफ्तार कर थाना संजीवनी नगर लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले 8–10 दिनों से मृतक माधव रजक के साथ हेल्पर के रूप में काम कर रहा था। घटना वाले दिन उसने मजदूरी के 2600 रुपये मांगे, लेकिन चालक ने देने से इनकार कर दिया और केवल 100 रुपये ही दिए। गुस्से में आकर आरोपी ने ट्रक के पास पड़े पत्थर से सो रहे चालक के सिर पर दो बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह मौके से फरार होकर ट्रेन से इटारसी पहुंच गया।
आरोपी की निशादेही पर घटना के समय पहना हुआ खून लगा जैकेट जप्त किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
इस अंधी हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक बी.डी. द्विवेदी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक दीपचंद धनगर, दीपक कुमार उईके तथा आरक्षक अनुज सेंगर व शशांक परिहार की सराहनीय भूमिका रही।
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