दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार अनिल बागरी से अपना रिश्ता नकारते हुए कहा है कि “कोई भी अपने आप से रिश्तेदार बना लेता है, पहले तथ्यों की पुष्टि करें, फिर बात करें।” यह बयान उन्होंने खजुराहो में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
दरअसल, सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र में पुलिस ने 7-8 दिसंबर की रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल बागरी और पंकज सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों के पास से करीब 46 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी बाजार कीमत 9 लाख 22 हजार 680 रुपए बताई जा रही है।
युवा कांग्रेस का बंगले पर प्रदर्शन, मंत्री को हटाने की मांग
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मंगलवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भोपाल में मंत्री प्रतिमा बागरी के बंगले का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने किया।
अमित खत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और इसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ रही है। उन्होंने मांग की कि प्रतिमा बागरी को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए, अन्यथा मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
आरोपियों को 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत
एडिशनल एसपी प्रेमलाल धुर्वे ने बताया कि पूछताछ में पंकज सिंह ने यह गांजा अनिल बागरी और शैलेन्द्र सिंह का बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
एनडीपीएस कोर्ट में न्यायाधीश शशिकांत वर्मा के समक्ष पेश करने के बाद अनिल बागरी और पंकज सिंह को 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जीजा के साथ मिलकर करता था तस्करी
पुलिस जांच में सामने आया है कि अनिल बागरी अपने बहनोई शैलेन्द्र सिंह के साथ मिलकर गांजा तस्करी करता था। शैलेन्द्र सिंह पहले भी नशीली कफ सिरप और शराब तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल बांदा जेल में बंद है।
सवालों से नाराज हुईं मंत्री
जब मीडिया ने खजुराहो में मंत्री प्रतिमा बागरी से सीधे सवाल किए तो वे नाराज दिखीं और कहा, “फालतू की बात करते हो आप लोग”, इसके बाद वे बिना जवाब दिए वहां से चली गईं।
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