दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मुरैना। मुरैना में अवैध रेत परिवहन के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए समीर सौरभ ने चिन्नोनी थाने के टीआई और एएसआई सहित सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर आधी-अधूरी कार्रवाई और संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बाद की गई है। मामले का वीडियो सामने आने पर एसपी ने सख्त रुख अपनाया।
जानकारी के अनुसार 16 फरवरी की शाम करीब 5 बजे चिन्नोनी थाना पुलिस क्षेत्र के होराबरा घाट पर अवैध रेत परिवहन की सूचना पर दबिश देने पहुंची थी। पुलिस टीम ने मौके से रेत से भरे पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े, लेकिन कार्रवाई केवल एक वाहन पर की गई, जबकि चार ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया गया। इसी घटनाक्रम को लेकर थाना प्रभारी एसआई शंभू दयाल बाथम और एएसआई कमलेश कुमार के बीच विवाद हो गया।
सूत्रों के मुताबिक एएसआई कमलेश कुमार ने पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सीधे एसपी को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी टीम को लाइन हाजिर करने के बजाय सीधे निलंबित कर दिया।
निलंबित पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी एसआई शंभू दयाल बाथम, एएसआई कमलेश कुमार, आरक्षक ऋषी शर्मा, आरक्षक सनत कुमार, आरक्षक प्रवीण कुमार, आरक्षक किशन सिंह और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
अपनी सफाई में निलंबित थाना प्रभारी शंभू दयाल बाथम ने कहा कि वे चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत पर कार्रवाई करने गए थे और पांच ट्रैक्टर पकड़े थे, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया। उन्होंने बताया कि मौके पर केवल चार पुलिसकर्मी थे और स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एक ट्रैक्टर को लेकर थाने लौटना पड़ा। उनका कहना है कि रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अक्सर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो जाती है, जिससे कार्रवाई में बाधा आती है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने की बात भी कही।
वहीं एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि चिन्नोनी थाने की कार्रवाई का वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने संज्ञान लिया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर पूरी टीम को निलंबित किया गया है। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
