दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 1 फरवरी को वायदा बाजार में चांदी करीब 25 हजार रुपए (लगभग 9%) टूट गई, जिससे 1 किलो चांदी का भाव 2.65 लाख रुपए पर आ गया। वहीं सोना भी करीब 12 हजार रुपए (8%) सस्ता होकर 10 ग्राम 1.38 लाख रुपए पर ट्रेड करता दिखा।
सर्राफा बाजार आज बंद है, लेकिन इससे पहले 30 जनवरी को भी सोने-चांदी में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन चांदी 40,638 रुपए और सोना 9,545 रुपए सस्ता हुआ था। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 30 जनवरी को एक किलो चांदी का भाव 3,39,350 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,65,795 रुपए पर आ गया था।
वायदा बाजार यानी MCX पर बीते दो दिनों में सोने के दाम में कुल 31 हजार रुपए की गिरावट आ चुकी है। 29 जनवरी को सोना 1.69 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जो अब गिरकर 1.38 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत दो दिन में 1.36 लाख रुपए टूट चुकी है। 29 जनवरी को चांदी 4.01 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी, जो अब 2.65 लाख रुपए पर ट्रेड कर रही है।
कीमतों में आई इस तेज गिरावट का असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी साफ नजर आया। शुरुआती ट्रेडिंग में गोल्ड ETF करीब 8% तक टूटे, जबकि सिल्वर ETF में 15% तक की गिरावट दर्ज की गई।
जानकारों के मुताबिक, सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह हालिया रिकॉर्ड स्तरों के बाद बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग है। कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे दबाव बढ़ा। इसके अलावा फिजिकल डिमांड में कमजोरी और औद्योगिक मांग को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी बाजार को कमजोर किया।
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन मनी बढ़ा दी है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स पर अतिरिक्त फंड का दबाव बनता है। जिन ट्रेडर्स के पास तुरंत पैसा नहीं होता, उन्हें अपनी पोजिशन काटनी पड़ती है, यानी सोना-चांदी बेचना पड़ता है। जब एक साथ बड़ी संख्या में बिकवाली होती है, तो कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिलती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रॉफिट बुकिंग और बढ़े मार्जिन का दबाव बना रहेगा, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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