Jabalpur News: जंगल में मिले बिजली विभाग के अहम दस्तावेज, लोगों ने अधिकारियों को सौंपे

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्यप्रदेश बिजली विभाग के मुख्यालय के पास स्थित जंगल में सोमवार दोपहर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पड़े हुए मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सभी दस्तावेज एकत्र कर अपने कार्यालय ले गए। बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज पावर जनरेटिंग कंपनी की सिविल परियोजना से जुड़े हुए हैं, जिसका कार्यालय वर्ष 2000 में बंद हो चुका है।

ऑटो से ले जाते समय गिरे दस्तावेज

जानकारी के अनुसार, नयागांव से पुराने दस्तावेज ऑटो के जरिए शक्ति भवन लाए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ फाइलें गिरकर जंगल में जा पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने जब जंगल में कागजात पड़े देखे, तो पास जाकर जांच की। इनमें पॉल्यूशन एंड इकोलॉजी कंट्रोल सर्विसेज से जुड़े दस्तावेज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ऑपरेशन मेंटेनेंस मैन्युअल और मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड रामपुर, जबलपुर के नक्शे और अन्य तकनीकी फाइलें शामिल थीं।

लोगों ने दिखाई जिम्मेदारी, कर्मचारियों को बुलाकर सौंपे दस्तावेज

रामपुर निवासी एडवोकेट दिनेश बर्मन और पूर्व पार्षद ठाड़ेश्वर महावर ने सबसे पहले इन दस्तावेजों को देखा। उन्होंने बताया कि फाइलों में सर्विस स्टेशन और प्रोजेक्ट मैप से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात थे। दोनों ने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों को सूचना देकर दस्तावेज उनके हवाले कर दिए।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कचरा समझकर फेंकने का आरोप

एडवोकेट दिनेश बर्मन ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को इस तरह लापरवाही से छोड़ना गंभीर मामला है। यदि ये दस्तावेज अनुपयोगी थे, तो शासन को नियमानुसार उन्हें नष्ट करना चाहिए था। उन्होंने आशंका जताई कि गलत हाथों में पड़ने पर इनका दुरुपयोग हो सकता था।

वहीं, पूर्व पार्षद ठाड़ेश्वर महावर ने भी इसे विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही बताया। उनका कहना है कि महानदी डैम समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज इनमें शामिल थे, जो संवेदनशील हो सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post