दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना (57) की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या के लिए 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 2 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे। बाकी रकम वारदात के बाद देने की योजना थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चिरली तिराहा के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपी पपेंद्र रावत ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे पपेंद्र रावत के पैर में दो गोलियां लगीं। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके से अन्य दो आरोपी गोलू रावत और जहीर मुसलमान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कट्टे से पीठ पर गोली मारकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, मुख्य शूटर पपेंद्र रावत ने अधिवक्ता संजय सक्सेना की पीठ पर कट्टे से गोली मारी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ लिया।
जमीन विवाद और चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि हत्या के पीछे जमीन विवाद और पुरानी चुनावी रंजिश मुख्य कारण है। इस मामले में शिक्षक कमलेश शर्मा, उनके चाचा और पूर्व सरपंच सुनील शर्मा, नीरज शर्मा और आशीष परिहार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कट्टा और बाइक भी जब्त कर ली है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था। साथ ही सुपारी की रकम के लेन-देन और पूरी योजना की जांच जारी है।
रविवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चिरली तिराहा के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपी पपेंद्र रावत ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे पपेंद्र रावत के पैर में दो गोलियां लगीं। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके से अन्य दो आरोपी गोलू रावत और जहीर मुसलमान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कट्टे से पीठ पर गोली मारकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, मुख्य शूटर पपेंद्र रावत ने अधिवक्ता संजय सक्सेना की पीठ पर कट्टे से गोली मारी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ लिया।
जमीन विवाद और चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि हत्या के पीछे जमीन विवाद और पुरानी चुनावी रंजिश मुख्य कारण है। इस मामले में शिक्षक कमलेश शर्मा, उनके चाचा और पूर्व सरपंच सुनील शर्मा, नीरज शर्मा और आशीष परिहार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कट्टा और बाइक भी जब्त कर ली है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था। साथ ही सुपारी की रकम के लेन-देन और पूरी योजना की जांच जारी है।
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