दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जिला अदालत के कोर्ट नंबर-2 के बाहर 16 मार्च को हुए धमाके के मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि यह धमाका किसी विस्फोटक से नहीं बल्कि सामान्य आतिशबाजी के पटाखों से किया गया था, जिसे आरोपियों ने अपने साथी के केस में अनुकूल गवाही मिलने की खुशी में फोड़ा था।
घटना सोमवार शाम करीब 5 से 5:15 बजे के बीच की है, जब कोर्ट की कार्यवाही चल रही थी। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनते ही कोर्ट में मौजूद वकील और पक्षकार बाहर निकल आए। मौके पर धुआं फैला हुआ था और बम जैसे अवशेष मिले थे, जिससे पहले इसे गंभीर सुरक्षा चूक माना गया।
बीडीएस (बम निरोधक दस्ता) की जांच में स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य पटाखे थे, लेकिन कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की हरकत को गंभीर अपराध माना गया है। घटना के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने कड़ा विरोध जताते हुए कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीएसपी सोनू कुर्मी और टीआई राजपाल सिंह बघेल की टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। माढ़ोताल क्षेत्र में घेराबंदी कर चारों को हिरासत में लिया गया, जहां पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार तन्मय राजपूत, अनूप श्रीपाल, दक्ष राजपूत और अनुज राजपूत कोर्ट के गेट नंबर-3 से अंदर घुसे और कुछ देर घूमने के बाद पटाखे फोड़ दिए। आरोपियों ने बताया कि उनके साथी मनीष अहरिवार के केस में गवाही उनके पक्ष में गई थी, जिसकी खुशी में उन्होंने यह कदम उठाया।
इस घटना ने एक बार फिर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं गंभीर रूप ले सकती हैं।
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