दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर में मानव तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। गोहलपुर क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती को पहले बहाने से उज्जैन ले जाया गया, जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया और फिर कोटा में 2 लाख रुपये में बेच दिया गया।
दोस्ती के जाल में फंसी युवती
पीड़िता ने 8 महीने पहले अधारताल की एक कपड़े की दुकान में काम शुरू किया था, जहां उसकी दोस्ती जावेद नाम के युवक से हुई। जावेद ने उसे अपनी महिला मित्र पूनम से मिलवाया। धीरे-धीरे दोनों ने मिलकर युवती को अपने जाल में फंसा लिया।
महाकाल दर्शन के बहाने रची साजिश
पूनम ने युवती को महाकाल दर्शन के बहाने महाकालेश्वर मंदिर चलने के लिए तैयार किया। उज्जैन पहुंचने के बाद उसे करीब 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद ईश्वर नाम के व्यक्ति के हवाले कर दिया गया।
2 लाख में सौदा, जबरन शादी और शोषण
ईश्वर युवती को ट्रेन से कोटा ले गया, जहां उसे पारस नाम के व्यक्ति को 2 लाख रुपये में बेच दिया गया। यहां युवती को एक मंदिर में ले जाकर जबरन शादी करवाई गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उसे बंधक बनाकर लगातार दैहिक शोषण किया गया।
चार महीने बाद भागकर पहुंची घर
करीब चार महीने बाद पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर 18 मार्च को जबलपुर पहुंची और अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई।
पुलिस टीम रवाना होगी उज्जैन और राजस्थान
युवती की शिकायत पर अधारताल थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपी ईश्वर (उज्जैन निवासी) और पारस (कोटा निवासी) अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जल्द ही उज्जैन और राजस्थान रवाना होगी।
Tags
jabalpur
