दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। भोपाल नगर निगम ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें शहर के विकास के लिए ₹3938.45 करोड़ खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। महापौर मालती राय ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए विकास के कई नए वादे किए, लेकिन पुराने अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर सवाल भी खड़े हो गए।
बजट की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। हालांकि, वार्डों में परिसीमन शुल्क बढ़ाने की तैयारी है, जिससे कुछ उपभोक्ताओं पर आर्थिक असर पड़ सकता है।
सदन में बजट पेश होने के दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 7:30 बजे तक पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिली। इसके बावजूद बहुमत के आधार पर बजट पारित कर दिया गया।
इस बजट में एक अहम बदलाव यह भी किया गया है कि मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और जोन अध्यक्ष के लिए किसी भी प्रकार का अलग फंड नहीं रखा गया है। पिछले बजट में इन पदों के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान था, जिसे इस बार समाप्त कर दिया गया है।
हालांकि, शहर में विकास के जिन बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा पहले की गई थी, वे अब तक अधूरे हैं। पिछले दो वर्षों से प्रस्तावित 7 हेरिटेज गेट और गीता भवन जैसे कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। केवल दो हेरिटेज गेट के लिए ही भूमिपूजन हुआ है।
सदन की कार्यवाही के दौरान गोमांस और स्लॉटर हाउस के मुद्दे पर भी जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने यह मुद्दा उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी पार्षदों ने भी इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में नई पार्किंग व्यवस्था लागू करने और कंडम वाहनों को हटाने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई, जबकि लिगेसी वेस्ट हटाने का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
पिछले बजट की तुलना में इस बार नगर निगम ने राहत देते हुए टैक्स नहीं बढ़ाया है। गौरतलब है कि पिछले साल प्रॉपर्टी टैक्स में 10% और जलकर सहित अन्य सेवाओं पर 15% तक की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे लाखों उपभोक्ता प्रभावित हुए थे।
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