दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहले शादी के डिजिटल निमंत्रण और सरकारी योजनाओं के नाम पर लिंक भेजकर ठगी की घटनाएं सामने आई थीं, वहीं अब होली के त्योहार को भी ठगों ने अपनी ठगी का जरिया बना लिया है।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए “हैप्पी होली” या शुभकामनाओं वाले संदेश और लिंक को बिना जांचे-परखे न खोलें।
APK फाइल के जरिए की जा रही ठगी
साइबर ठग व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर “Happy Holi” या “होली की शुभकामनाएं” लिखकर एक लिंक भेज रहे हैं। जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड होने लगती है। यदि उपयोगकर्ता उस फाइल को इंस्टॉल कर लेता है, तो उसके मोबाइल का डाटा, बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और निजी जानकारी सीधे ठगों तक पहुंच सकती है।
इसके बाद ठग बैंक खातों से पैसे निकालने या डिजिटल वॉलेट खाली करने जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ठगी की घटनाएं
इससे पहले भी शहर में शादी के कार्ड के नाम पर भेजे गए लिंक के जरिए लोगों को ठगा गया था।
इसके अलावा “लाड़ली बहना योजना” के नाम पर फर्जी रजिस्ट्रेशन लिंक भेजकर महिलाओं से बैंक संबंधी जानकारी हासिल करने की शिकायतें भी सामने आई थीं।
अब त्योहारों की भावनाओं का फायदा उठाकर ठगी का नया तरीका अपनाया जा रहा है।
सतर्क रहें… इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। APK फाइल डाउनलोड करने से बचें। मोबाइल में “अननोन सोर्स” से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति बंद रखें। किसी को भी ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के समय लोग भावनात्मक रूप से जुड़े संदेशों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व परिचितों को भी इस तरह की ठगी से सावधान करें, ताकि त्योहार की खुशियां किसी भी प्रकार की आर्थिक क्षति में न बदलें।
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