दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मंडला। मंडला जिले में वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के ई-टेंडर में इस बार 148 करोड़ रुपए से अधिक की रिकॉर्ड बोली लगी है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 52 प्रतिशत ज्यादा है। जिले की 21 शराब दुकानों को 7 समूहों में बांटकर यह प्रक्रिया पूरी की गई।
शराबबंदी के बीच इतनी बड़ी बोली, बढ़ी चिंता
नर्मदा तट पर बसे मंडला शहर में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद इतनी बड़ी बोली लगने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शहर में बिक्री प्रतिबंधित है, तो ठेकेदार अपनी लागत कैसे निकालेंगे।
अवैध शराब कारोबार बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि बढ़ी हुई बोली के चलते जिले में अवैध शराब का कारोबार बढ़ सकता है। पहले भी मंडला में अवैध शराब को लेकर चर्चाएं होती रही हैं, ऐसे में अब हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कांग्रेस का हमला—‘कागजों तक सीमित शराबबंदी’
कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार को ज्यादा राजस्व मिल रहा हो, लेकिन मंडला जैसी पवित्र नगरी में यह स्थिति चिंता का विषय है। उनके अनुसार, यहां शराबबंदी केवल कागजों तक सीमित नजर आती है।
भाजपा नेता ने भी उठाए सवाल
भाजपा नेता सुधीर कसार ने भी कहा कि राजस्व बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन धार्मिक शहर में इतनी बड़ी बोली ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने बताया कि नर्मदा के 5 किलोमीटर क्षेत्र में शराबबंदी के आदेश हैं, फिर भी इतनी बड़ी बोली कई सवाल खड़े करती है।
प्रशासन का जवाब—निर्देशों के अनुसार होगी कार्रवाई
जिला आबकारी अधिकारी रामजी पांडे ने कहा कि विभाग सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस के साथ मिलकर नर्मदा तट की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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